अंबिकापुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) कथित रूप से मारपीट से आदिवासी बुजुर्ग की मौत के बाद कुसमी में माहौल गरमा गया है। सर्व आदिवासी समाज ने घटना की कड़ी निंदा की है। आदिवासी समाज के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। कुसमी बंद का आह्वान किया गया है।
कुसमी के शिव चौक पर सर्व आदिवासी समाज के बैनर तले लोगों ने सड़क जाम कर दिया है। प्रदर्शनकारियों की मांग मृतक के आश्रितों को एक करोड़ मुआवजा,वारिशों को शासकीय नौकरी तथा मारपीट करने वालों पर हत्या का अपराध दर्ज कर फांसी की सजा देने की है।
हत्या के आरोप में हिरासत में लिए गए एसडीएम करुण डहरिया का विवादों से पुराना नाता रहा है। रिश्वतखोरी,अवैध वसूली के लिए वे बदनाम रहे हैं। वर्ष 2019 के राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी करुण डहरिया को वर्ष 2022 में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 20 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा था। उस दौरान वे गरियाबंद जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर पदस्थ थे।
बोरवेल खनन का बिल पास करने के बदले उन्होंने रिश्वत की मांग की थी। तब शिकायत पर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने उन्हें रिश्वत की रकम के साथ कार्यालय में ही पकड़ा था। जेल जाने के साथ ही उन्हें निलंबित भी किया गया था। जमानत पर बाहर आने के बाद उन्हें निलंबन से बहाल कर दिया गया था।
जांजगीर-चांपा जिले में बतौर एसडीएम पामगढ़ में उन्होंने स्कूली छात्रों का ज्ञापन लेने से मना कर थप्पड़ मारने की धमकी दी थी। उस दौरान भी वे चर्चा में आए थे। बतौर कुसमी एसडीएम रहते हुए अवैध इमारती लकड़ी लोड ट्रक को छोड़ने के एवज में लगभग छह लाख रुपये वसूल किए जाने के आरोपों से भी वे घिरे हुए थे।
इस घटनाक्रम का एक ऑडियो भी प्रसारित हुआ था। इस प्रकरण की शिकायत भी एंटी करप्शन ब्यूरो तथा राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो से की गई है। हालांकि उस दौरान एसडीएम ने आरोपों से किनारा कर लिया था।
बलरामपुर जिले में ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान एक युवक का कॉलर पकड़ कर मारपीट करने का भी आरोप लगा था। इसके अलावा कुसमी क्षेत्र में गलत कार्यों का विरोध करने वाले लोगों को येन केन प्रकरण में फंसाने, शारीरिक तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित करने,जेल भिजवा देने जैसे गंभीर आरोपों से भी एसडीएम घिरे हुए थे।









