रायपुर।(सियासत दर्पण न्यूज़) राजधानी में आयोजित धार्मिक जुलूस में हथियारों का खुला प्रदर्शन होने का मामला सामने आया है। हाईकोर्ट द्वारा जारी सख्त निर्देशों और हथियार प्रतिबंध के बावजूद जुलूस में युवक और युवतियों ने फिल्मी गानों पर हथियार लेकर फूहड़ प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार, यह जुलूस राजधानी के मौदहापारा और लाखेनगर इलाके से होकर गुजरा। जुलूस में शामिल लोग बेखौफ होकर सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें वायरल कर रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि कई युवक-युवतियां खुलेआम चाकू, डंडा और अन्य अवैध हथियार लेकर नाचते और गाते नजर आए।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि जुलूस के दौरान शोर-शराबा और असुरक्षा का माहौल बना रहा। बावजूद इसके, पुलिस की मौजूदगी के बावजूद कोई प्रभावी रोकथाम नहीं की गई। यह स्थिति हाईकोर्ट द्वारा हाल ही में जारी किए गए अवैध हथियारों के प्रयोग और प्रदर्शन पर सख्त प्रतिबंध के खिलाफ है। इस तरह के घटनाक्रम से न केवल सार्वजनिक सुरक्षा खतरे में पड़ती है, बल्कि युवा वर्ग में हथियारों के प्रति लापरवाह और खतरनाक रवैये को बढ़ावा मिलता है। पुलिस ने फिलहाल मामले की जांच शुरू की है और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों को भी खंगाल रही है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसे अवैध हथियार प्रदर्शन की घटनाओं को रोकने के लिए आगामी जुलूस और धार्मिक कार्यक्रमों में सख्त निगरानी और सुरक्षा उपाय बढ़ाए जाएंगे। इसके तहत जुलूस मार्ग पर सुरक्षा जाँच, अवैध हथियारों की तलाशी और लोगों की सख्त निगरानी शामिल होगी। इस मामले ने राजधानी में सुरक्षा और कानून के पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाईकोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन, सार्वजनिक जगहों पर हथियारों का खुलेआम प्रदर्शन और सोशल मीडिया पर वायरल होना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है।







