रायपुर । (सियासत दर्पण न्यूज़) छत्तीसगढ़ की मेहनतकश ‘महतारियों’ (माताओं) के लिए राज्य सरकार की ‘मिनीमाता महतारी जतन योजना’ एक सुरक्षा कवच बनकर उभरी है। यह योजना न केवल आर्थिक संबल प्रदान करती है, बल्कि सुरक्षित मातृत्व और सुपोषित बचपन की नींव भी रखती है। आइए जानते हैं इस विशेष योजना की पूरी एबीसीडी (ABCD) और आवेदन की प्रक्रिया।
क्या है मिनीमाता महतारी जतन योजना?
पहले इसे ‘भगिनी प्रसूति सहायता योजना’ के नाम से जाना जाता था, लेकिन 12 मई 2022 को सरकार ने इसका नाम बदलकर ‘मिनीमाता महतारी जतन योजना’ कर दिया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन गर्भवती महिलाओं की मदद करना है जो स्वयं मजदूरी करती हैं या जिनके पति पंजीकृत निर्माण श्रमिक (Labour Card Holder) हैं।
मिलने वाली आर्थिक सहायता
इस योजना के तहत पात्र महिला को सरकार की ओर से ₹20,000 की एकमुश्त सहायता राशि दी जाती है।
यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते (DBT) में भेजी जाती है।
इन पैसों का उपयोग प्रसव के खर्चों और बच्चे के जन्म के बाद मां व शिशु के बेहतर खान-पान (पोषण) के लिए किया जाता है।
योजना के लाभ के लिए अनिवार्य शर्तें (Eligibility)
योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ बुनियादी नियमों का पालन जरूरी है:
निवासी: महिला का छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना अनिवार्य है।
पंजीकरण: महिला या उसके पति का ‘निर्माण श्रमिक’ के रूप में कम से कम 90 दिन पुराना रजिस्ट्रेशन होना चाहिए।
संस्थागत प्रसव: गर्भावस्था का पंजीकरण सरकारी अस्पताल या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य केंद्र में होना जरूरी है।
बच्चों की संख्या: इस योजना का लाभ केवल पहले दो बच्चों के जन्म पर ही मिलता है।
आय वर्ग: यदि पति या पत्नी सरकारी नौकरी में हैं या किसी बड़े सार्वजनिक संस्थान में कार्यरत हैं, तो वे इसके पात्र नहीं होंगे।
आवेदन कैसे करें? (How to Apply)
इस योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया को बहुत सरल और पारदर्शी बनाया गया है:
ऑनलाइन आवेदन: पात्र श्रमिक स्वयं श्रम विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
चॉइस सेंटर: आप अपने नजदीकी CSC (चॉइस सेंटर) के माध्यम से भी फॉर्म भरवा सकते हैं।
जरूरी दस्तावेजों की चेकलिस्ट:
आवेदन के समय अपने साथ ये कागज़ात तैयार रखें:
आधार कार्ड
श्रमिक कार्ड (Labour Card)
बैंक पासबुक की फोटोकॉपी
डॉक्टर द्वारा जारी प्रेगनेंसी सर्टिफिकेट (MCH कार्ड)
छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल गरीब परिवारों को उस समय सबसे बड़ा सहारा देती है जब उन्हें इसकी सबसे ज्यादा ज़रूरत होती है। सही जानकारी और समय पर आवेदन करके श्रमिक परिवार इस ₹20,000 की सहायता का लाभ उठा सकते हैं।







