रायपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) सड़कों पर रफ्तार के साथ नशे के मेल को रोकने के लिए राज्य पुलिस अब स्मार्ट अवतार में नजर आएगी। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और ड्रंक एंड ड्राइव करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है।
अब पुलिस के पास ऐसी एडवांस ब्रीद एनालाइजर मशीनें होंगी, जो केवल गंध मात्र से ही चालक के नशे में होने की पुष्टि कर देंगी। इसके साथ ही नो-पार्किंग में खड़े वाहनों के लिए भारी संख्या में व्हील लाक खरीदे गए हैं।
अधिकारियों को इन नई मशीनों का प्रशिक्षण दिया जा रहा
इन आधुनिक उपकरणों का वितरण रायपुर, बिलासपुर, भिलाई समेत अन्य शहरों में किया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि सभी जिलों के पुलिस और यातायात अधिकारियों को इन नई मशीनों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस एडवांस्ड एल्कोमीटर की सबसे बड़ी खूबी इसका नो-ब्लो फीचर है।
ऐसे करेगी मशीन काम, गंध से खुलेगी पोल
अब जांच के दौरान दोपहिया या चारपहिया वाहन चालक को ब्रीद एनालाइजर मशीन में फूंक मारने की जरूरत नहीं होगी। मशीन को चालक के पास ले जाते ही वह हवा में मौजूद शराब की गंध से अल्कोहल की मात्रा को माप लेगी। इससे उन चालकों पर कार्रवाई तेज होगी जो जांच के समय आनाकानी करते थे। इसका डिजिटल डेटा सीधे कोर्ट की कार्यवाही के लिए मान्य होगा।
नो-पार्किंग की समस्या का लॉक समाधान
शहर में बेतरतीब पार्किंग से लगने वाले जाम से निपटने के लिए पुलिस ने व्हील लॉक का दस्ता तैयार किया है। अब नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने पर पुलिस उसे मौके पर ही लॉक कर देगी। वाहन मालिक को जुर्माना भरने के बाद ही लाक से मुक्ति मिलेगी।
अधिकारियों का मानना है कि इस सख्ती से सड़क पर लापरवाहीपूर्वक वाहन खड़े करने की प्रवृत्ति पर लगाम लगेगी।
ट्रांसपोर्टरों को किया जा रहा अलर्ट
पुलिस अब केवल सड़कों पर ही नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफार्म के जरिए भी नजर रख रही है। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) और नेक्स्ट जेन एम-परिवहन पोर्टल के जरिए ऑनलाइन चालान की प्रक्रिया को और सख्त किया गया है।
कार्यशाला में ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को साफ तौर पर कहा गया है कि ट्रांसपोर्टर अपने केंद्रों पर स्वयं ब्रीद एनालाइजर लगवाएं, ताकि नशे में धुत ड्राइवर सड़क पर वाहन लेकर निकल ही न सकें।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि नशे में हादसा होने पर अब केवल मोटर व्हीकल एक्ट ही नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक धाराओं के तहत आरोपित वाहन चालक को सीधे जेल भेजा जाएगा।







