दुर्ग। (सियासत दर्पण न्यूज़) भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए सिंचाई विभाग के अधीन विद्युत एवं यांत्रिकी शाखा में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 अधिकारी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अधिकारी भविष्य निधि (जीपीएफ) से राशि निकालने की प्रक्रिया पूरी करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था। एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई कर आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
जानकारी के अनुसार सिंचाई विभाग के अधीन विद्युत एवं यांत्रिकी शाखा में कार्यरत कर्मचारी नंदकुमार कांमडे अपने बेटे की शादी के लिए भविष्य निधि (जीपीएफ) खाते से पांच लाख रुपये निकालना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने विभागीय प्रक्रिया पूरी करते हुए संबंधित अधिकारियों से कई बार अनुरोध किया था। आरोप है कि इसी दौरान विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 अधिकारी शिवकुमार ठाकुर ने फाइल आगे बढ़ाने और राशि स्वीकृत कराने के नाम पर 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।
रिश्वत के लिए बना रहा था दबाव
प्रार्थी नंदकुमार कांमडे ने बताया कि बेटे के विवाह की तैयारियों के लिए उन्हें तत्काल धनराशि की आवश्यकता थी। उन्होंने जीपीएफ से राशि निकालने की अनुमति के लिए आवेदन किया था, लेकिन संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के बदले उनसे लगातार रिश्वत मांगी जा रही थी। अधिकारी की ओर से बार-बार दबाव बनाए जाने से परेशान होकर उन्होंने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर से की।
शिकायत के बाद एसीबी ने बनाई रणनीति
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन किया। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर आरोपी अधिकारी को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई गई। इसके लिए एसीबी की 12 सदस्यीय टीम गठित की गई। टीम ने प्रार्थी को रासायनिक पदार्थ लगे नोट उपलब्ध कराए और तय योजना के अनुसार आरोपी अधिकारी के पास भेजा।
गुरुवार को जैसे ही प्रार्थी ने आरोपी को 10 हजार रुपये की रिश्वत सौंपी, पहले से निगरानी कर रही एसीबी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद मौके पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
एसीबी निरीक्षक ने दी कार्रवाई की जानकारी
एसीबी रायपुर से पहुंचे निरीक्षक सुरेश सोनी ने बताया कि प्रार्थी द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। गुरुवार को आरोपी अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
न्यायालय में किया जाएगा पेश
एसीबी अधिकारियों के अनुसार आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई पूरी की गई और आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विभाग में मचा हड़कंप
सिंचाई विभाग के कार्यालय में एसीबी की इस कार्रवाई के बाद कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच हड़कंप की स्थिति रही। दिनभर मामले की चर्चा होती रही। एसीबी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यों के बदले रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





