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*हाईवे पर सफर हुआ महंगा, बढ़ा टोल टैक्स*

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रायपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वालों की जेब पर अब हर यात्रा का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। एक अगस्त से छत्तीसगढ़ के 10 टोल प्लाजा पर शुल्क बढ़ा दिया गया है। कार से लेकर बस और ट्रक तक अधिकांश श्रेणियों में पांच से 10 रुपये अधिक चुकाने होंगे। पहली नजर में यह बढ़ोतरी मामूली लग सकती है, लेकिन रोजाना यात्रा करने वाले लोगों, टैक्सी और बस संचालकों तथा ट्रांसपोर्ट कारोबार के लिए यह हर महीने हजारों रुपये का अतिरिक्त खर्च बन जाएगी।

इसका असर केवल टोल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि माल ढुलाई महंगी होने से रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है। दूसरी ओर, जिन सड़कों और पुलों के रखरखाव के लिए टोल लिया जाता है, उन्हीं पर निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के हिरी फ्लाईओवर के पैनल उखड़ने की घटना ने टोल वसूली और सड़क गुणवत्ता के बीच संतुलन पर नई बहस छेड़ दी है।

टोल प्लाजा पर बढ़ी दरें नई दरें मुड़ियापारा, बैजी, लिम्हा, मदनपुर, चोटिया, पचिरा, महाराजपुर, लोदाम, पाराघाट और केसला टोल प्लाजा पर लागू हुई हैं। अधिकांश श्रेणियों में पांच से 10 रुपये तक शुल्क बढ़ाया गया है। हालांकि कुछ प्लाजा पर कार और हल्के मोटर वाहनों के शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया।

यात्रियों की जेब पर कितना असर

रोजाना राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करने वाले लोगों का मासिक यात्रा खर्च बढ़ जाएगा। नौकरी, व्यापार या अन्य कारणों से प्रतिदिन आने-जाने वाले निजी वाहन चालकों को हर महीने अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ेगी। टैक्सी और बस संचालकों का परिचालन खर्च बढ़ने से किराए में बढ़ोतरी की संभावना भी जताई जा रही है।

ट्रांसपोर्ट कारोबार की बढ़ी चिंता

परिवहन कारोबारियों का कहना है कि टोल शुल्क बढ़ने से माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी। इसका असर सीमेंट, स्टील, खाद्यान्न, सब्जी और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की ढुलाई पर पड़ेगा। यदि परिचालन लागत लगातार बढ़ती रही तो इसका बोझ अंततः उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है। बढ़ती हैं टोल दरें राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल शुल्क का समय-समय पर पुनरीक्षण किया जाता है।

इसमें महंगाई, सड़क रखरखाव, परिचालन व्यय और नई परियोजनाओं के विकास को आधार बनाया जाता है। बढ़ी हुई राशि का उपयोग सड़क मरम्मत, सुरक्षा सुविधाओं के विस्तार और राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव में किया जाता है। वहीं रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हिरी फ्लाईओवर के पैनल उखड़ने की घटना ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

टोल प्लाजा कार एलएमवी/मिनी बस – बस/ट्रक

मुड़ियापारा- 45 →से 50 -75 से → 80 – 160 → 165 (5)

लिम्हा 115 → से 120 – 185 → 190 – 390 → 400 (10)

चोटिया 75 → 80 ( 5) – 125 → 130 (5) – 260 → 270 (10)

पाराघाट 80 → 85 ( 5) -130 → 135 (5) | 275 → 285 (10)

केसला 75 → 80 ( 5) -125 → 125 (कोई बढ़ोतरी नहीं)- 260 → 265 (5)

पचिरा 35 → 35 (कोई बढ़ोतरी नहीं) -55 → 60 (5) – 120 → 125 (5)

महाराजपुर 80 → 80 (कोई बढ़ोतरी नहीं) -125 → 130 ( 5) -265 → 275 (10)

लोदाम 65 → 65 (कोई बढ़ोतरी नहीं) -100 → 105 ( 5) | -210 → 220 (10)

मदनपुर 50 → 55 (5) 85 → 85 (कोई बढ़ोतरी नहीं)- 175 → 180 (5)

बैजी 65 → 65 (कोई बढ़ोतरी नहीं) 100 → 105 ( 5) | -215 → 220 ( 5)

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