राजधानी रायपुर के नकटी गांव स्थित ब्लू वॉटर में डूबे 24 वर्षीय आदिल खान का शव करीब 80 घंटे बाद पानी की सतह पर मिला।
रायपुर,, सियासत दर्पण न्यूज़,,तीन दिनों तक SDRF और NDRF की टीमें गहरे पानी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाती रहीं, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
मृतक आदिल का शव पानी में उतराता हुआ देर रात दिखा।
शनिवार देर रात आखिरकार शव खुद पानी के ऊपर आ गया। घटना के बाद से परिजन लगातार मौके पर मौजूद थे और आदिल के मिलने का इंतजार कर रहे थे।
जानकारी के मुताबिक, आदिल 19 अगस्त की शाम तीन दोस्तों के साथ ब्लू वॉटर घूमने पहुंचा था। इसी दौरान दोस्तों के बीच पानी के एक छोर से दूसरे छोर तक तैरकर जाने की शर्त लग गई
आदिल और उसका एक दोस्त पानी में उतर गए। तैरते हुए आदिल धीरे-धीरे गहरे हिस्से की तरफ चला गया और देखते ही देखते पानी में डूब गया। घटना का वीडियो भी सामने आया था।
आदिल के डूबने की सूचना के बाद माना थाना पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। बाद में NDRF की टीम को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया।
टीमों ने कई घंटे तक पानी के अंदर सर्च किया, लेकिन शव का पता नहीं चल पाया। ब्लू वॉटर की गहराई और पानी के अंदर कम तापमान के कारण गोताखोरों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
करीब तीन दिन तक लगातार तलाश के बावजूद जब आदिल नहीं मिला तो परिजनों की चिंता बढ़ती गई। रेस्क्यू टीमें संभावित स्थानों पर लगातार सर्च करती रहीं। करीब 80 घंटे बाद शनिवार देर रात आदिल का शव पानी की सतह पर दिखाई दिया।
इस घटना के बाद ब्लू वॉटर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर सवाल उठ रहे हैं। यहां पहले भी हादसे हो चुके हैं। प्रशासन की ओर से क्षेत्र में लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित करने और पूरे इलाके में फेंसिंग कराने की बात कही गई है।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने भी ब्लू वॉटर क्षेत्र को प्रतिबंधित करने और सुरक्षा के लिए फेंसिंग कराने की जानकारी दी है। दोस्तों के बीच लगी तैरने की एक शर्त ने आदिल की जान ले ली।
परिवार तीन दिन से ज्यादा समय तक उसके शव के मिलने का इंतजार करता रहा। लंबी तलाश के बाद शव तो मिल गया, लेकिन हादसे ने ब्लू वॉटर में सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





