जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर हुई अफरा तफरी विशेष रूप से जुलूस की समय सीमा को लेकर प्रशासनिक ज़्यादती और सीरत कमेटी की आवाम से दूरी के अलावा 12 रबीउल अव्वल से पहले कार्यक्रम करने से हुए फ़ायदे और नुकसान पर विस्तार पूर्वक चर्चा हुई।
रायपुर,,सियासत दर्पण न्यूज़,शहर सीरतुन्नबी कमेटी के फाउंडर मेम्बर्स के साथ रायपुर की सामाजिक संगठनों के ज़िम्मेदार, मस्जिदों के मुतवल्लियों का एक प्रतिनिधि मंडल सीरत कमेटी के पूर्व अध्यक्ष, ऑल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड छत्तीसगढ़ के जनरल सेक्रेटरी नोमान अकरम हामिद और मिशन अहले बैत छत्तीसगढ़ के सदर अरशद खान अशरफी (मुतवल्ली- गौसिया मस्जिद पारस नगर ) के नेतृत्व में 29 अगस्त 2026 बाद नमाज़े ईशा नयापारा में मुलाकात कर इस साल जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर हुई अफरा तफरी विशेष रूप से जुलूस की समय सीमा को लेकर प्रशासनिक ज़्यादती और सीरत कमेटी की आवाम से दूरी के अलावा 12 रबीउल अव्वल से पहले कार्यक्रम करने से हुए फ़ायदे और नुकसान पर विस्तार पूर्वक चर्चा हुई।

जुलूस में पुलिस द्वारा कई कमेटीयों के ज़िम्मेदारों पर की गई FIR को निरस्त करने के लिए जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से नोमान अकरम हामिद और मिशन अहले बैत छत्तीसगढ़ के सदर अरशद खान अशरफी (मुतवल्ली- गौसिया मस्जिद पारस नगर ) के नेतृत्व में मिलेगा.
इस साल जो तकलीफें हुई है वो 2027 में होने वाले जश्ने ईद मिलादुन्नबी में न हो इसकी तैयारी के लिए फौरन एक मीटिंग करने के लिए फाउंडर मेम्बर्स को मशवरा दिया गया व 2027 का जुलूस ए मोहम्मदी का रूट चेंज करके बाद नमाज ज़ोहर निकले या रूट चेंज नहीं करना है तो बाद नमाज ईशा जुलूस निकले.
जिसे सभी फाउंडर मेम्बर्स ने मान कर जल्द ही शहर स्तर की मीटिंग करने का वादा किया.
इस मीटिंग में हर साल जलसे जुलूस में होने वाले खर्च और आने वाले चंदे का ब्यौरा (ऑडिट रिपोर्ट)आवाम को बताया जाए.,,2028 में कमेटी के अध्यक्ष का चुनाव बिना किसी मेम्बर फीस के हो।2011 से अब तक हुए चुनाव में कितनी रकम मेम्बरशिप से आई उसका सम्पूर्ण ब्यौरा दिया जाए, जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी।
अवाम की मीटिंग कब और कहां होगी उसकी जानकारी जल्द ही सबको दी जाएगी






