बलरामपुर : (सियासत दर्पण न्यूज़) मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पहली बार बलरामपुर पहुंची। दो वाहनों से बलरामपुर पहुंची ईडी की टीम सीधे सर्किट हाउस गई। यहां पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ओएसडी रह चुके वर्तमान अपर कलेक्टर चेतन बोरघारिया को बुलाकर टीम द्वारा पूछताछ की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार यह पूछताछ छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की भर्ती में कथित गड़बड़ी, मनी लांड्रिंग और शराब घोटाले से जुड़े मामले में की जा रही है। बताया जा रहा है कि प्रदेश में कुल सात स्थानों पर एक साथ ईडी की कार्रवाई चल रही है।
जांच का दायरा 2020 से 2022 के दौरान हुई भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों तक है। ईडी की टीम वित्तीय लेन-देन और संभावित लाभार्थियों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। सर्किट हाउस के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है।
उल्लेखनीय है कि चेतन बोरघरिया वर्तमान में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वे मुख्यमंत्री के ओएसडी के रूप में काफी प्रभावशाली माने जाते थे। मुख्यमंत्री का ओएसडी रहने के कारण प्रशासनिक तंत्र में उनकी मजबूत पकड़ थी। सत्ता परिवर्तन के बाद उन्हें मूल पद पर वापस भेज दिया गया था।
इसके पहले भी वे जांच के दायरे में आ चुके हैं।






