रायपुर । (सियासत दर्पण न्यूज़) छत्तीसगढ़ में मानसून अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है। आज (14 सितंबर) प्रदेश में कुछ जगह हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है। अगले दो दिनों में भी कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
पिछले 24 घंटे में ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बस्तर संभाग में कुछ जगह तेज बारिश हुई। बड़े बचेली और कोंटा में सबसे ज्यादा 80-80 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
बारिश के दौरान धमतरी के मॉडमसिल्ली बांध में मामा-भांजे तेज बहाव में बह गए। दोनों 12 सितंबर की देर शाम गेदारापारा के रपटा के पास मछली पकड़ रहे थे। एक का पैर फिसलने के बाद उसे बचाने में दूसरा भी बह गया। रविवार को तलाश के दौरान दोनों के शव घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर झाड़ियों में मिले।
रायपुर में चढ़ेगा पारा
रायपुर में आज (14 सितंबर) दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। दिन का तापमान करीब 32°C और रात का तापमान 25°C के आसपास रहने का अनुमान है।
पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 30.9°C रायपुर में रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.6°C पेंड्रा रोड में रहा।
सीजन में अब तक 4% कम बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में मानसून सीजन की कुल बारिश सामान्य के आसपास है। अब तक बारिश में 4% की कमी दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में बारिश की रफ्तार कम होने से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने की संभावना है।
महानदी उफान पर, धमतरी में रात में खोलने पड़े गंगरेल के गेट
जिले में बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। महानदी उफान पर आ गई है। जल संसाधन विभाग के मुताबिक शनिवार शाम 7 बजे की स्थिति में गंगरेल बांध के 6 गेट खोलकर महानदी में 33000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
बांध के कैचमेंट एरिया से लगातार इतनी ही मात्रा में पानी की आवक बनी हुई है। 11 सितंबर की आधी रात को 9 गेट खोलकर रिकॉर्ड 53000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इधर, राजिम का त्रिवेणी संगम में उफान आ गया है।
46 जलाशयों में 90 फीसदी से ज्यादा पानी
मानसून को प्रदेश में पहुंचे 82 दिन हो चुके हैं। 23 जून को दंतेवाड़ा के रास्ते दाखिल हुए मानसून से अब तक अच्छी बारिश हुई। 12 सितंबर तक प्रदेश में 1001 मिमी पानी बरस चुका है। यह इस अवधि के औसत 1041.1 मिमी से केवल 4% कम है।
लगातार बारिश से बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। प्रदेश के 46 प्रमुख और मध्यम जलाशयों में औसत जलभराव 91.10% पहुंच गया है। इनमें सात जलाशय पूरी तरह भर चुके हैं, जबकि 18 अन्य में 90% से ज्यादा पानी है। धमतरी के रविशंकर सागर समेत कई जलाशयों के गेट खोलने पड़े हैं।






