Home / राजधानी / *कोल लेवी घोटाला: 5 करोड़ में तैयार हुआ सिंडिकेट*

*कोल लेवी घोटाला: 5 करोड़ में तैयार हुआ सिंडिकेट*

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

रायपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) रायपुर में 500 करोड़ रुपए से ज्यादा के कथित कोल लेवी घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने सोमवार को करीब 9500 पन्नों का 6वां पूरक चालान कोर्ट में पेश किया। इसमें 12 आरोपियों की भूमिका बताई गई है। EOW के मुताबिक, कोयला परिवहन से हर टन पर 25 रुपए की अवैध वसूली की जाती थी।

जांच में यह भी पता चला है कि वसूली की रकम किसे दी गई, इसका इस्तेमाल राजनीतिक और निजी कामों में कैसे हुआ और जमीन, फ्लैट, वाशरी में पैसा लगाया गया। EOW के अनुसार, यह पूरा सिस्टम तैयार करने में करीब 5 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ था। जांच में सामने आया है कि पप्पू बंसल ने रकम दी।

निखिल चंद्राकर और नवनीत ने रकम लेकर सूर्यकांत तिवारी तक पहुंचाई। सिंडिकेट के लोग आपस में बात करने और पैसों से जुड़े निर्देश देने के लिए 7 अलग-अलग वॉट्सऐप ग्रुप चलाते थे। जांच में जब्त मोबाइल, वॉट्सऐप चैट, डायरियों और बैंक लेन-देन से मिली जानकारी को चालान में शामिल किया गया है।

15 जुलाई के आदेश के बाद शुरू हुआ वसूली का सिस्टम

EOW की जांच के अनुसार, 15 जुलाई 2020 के आदेश के बाद ऑनलाइन ई-परमिट जारी करने से पहले जिला खनिज अधिकारी की मंजूरी अनिवार्य कर दी गई थी। एजेंसी का आरोप है कि इसी व्यवस्था का इस्तेमाल कोयला कारोबारियों और परिवहनकर्ताओं से 25 रुपए प्रति टन की कथित अवैध वसूली के लिए किया गया।

जांच के मुताबिक, अलग-अलग जिलों से रकम रायपुर पहुंचाई जाती थी। यहां रकम का हिसाब रखने के बाद आगे इसका वितरण किया जाता था।

जिलों में बैठकें, ‘सीएम हाउस’ के नाम से बुकिंग

EOW ने दावा किया है कि अनुराग दीवान के जब्त मोबाइल से 15 जुलाई 2020 के आदेश से जुड़े डिजिटल सबूत मिले हैं। जांच के अनुसार, सूर्यकांत तिवारी और उसके सहयोगी अलग-अलग जिलों में जाकर बैठकें करते थे।

उनके ठहरने के लिए विश्राम गृहों में ‘सीएम हाउस’ के नाम से बुकिंग कराए जाने के साक्ष्य भी मिले हैं। बालको और अंबुजा से जुड़े पत्राचार को भी चालान में शामिल किया गया है। EOW के अनुसार, एक पत्राचार में परिवहन बिलों में 25 रुपए प्रति टन की राशि जोड़ने का उल्लेख है।

कोयले के साथ पैलेट से भी 100 रुपए प्रति टन वसूली

जांच में कोयले के अलावा लौह अयस्क पैलेट के परिवहन पर भी 100 रुपए प्रति टन कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है। EOW के अनुसार, इसकी जांच में तत्कालीन संचालक, भौमिकी और खनिकर्म जयप्रकाश मौर्य की भूमिका सामने आई।

एजेंसी का दावा है कि पैलेट उद्योगपतियों की बैठक लेकर उन्हें सूर्यकांत तिवारी या उसके लोगों को 100 रुपए प्रति टन देने के निर्देश दिए गए थे। जब्त डायरियों में भी इस वसूली से जुड़ी एंट्री मिलने की बात EOW ने कही है।

 

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page