बिलासपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) रूस में फंसे बिल्हा निवासी विनीत कुमार दुबे की सुरक्षित भारत वापसी को लेकर परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। विनीत की बहन आशी दुबे ने पुलिस प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। परिवार ने आरोप लगाया है कि रूस में उनके भाई को कथित तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है और युद्ध में शामिल होने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इस मामले में बिलासपुर पुलिस ने भारतीय दूतावास को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले पत्र भेजा गया था, लेकिन अब तक जवाब नहीं मिला है। पुलिस को अब दूतावास के जवाब का इंतजार है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
बिलासपुर जिले के बिल्हा निवासी विनीत कुमार दुबे की रूस में मौजूदा स्थिति और उनकी सुरक्षित वापसी को लेकर परिवार लगातार प्रयास कर रहा है। विनीत की बहन आशी दुबे ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर अपने भाई की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें भारत वापस लाने में मदद मांगी है। परिवार का आरोप है कि रूस पहुंचने के बाद विनीत को अलग-अलग स्थानों पर रखा गया और युद्ध में शामिल होने से इनकार करने पर उनके साथ मारपीट और प्रताड़ना की गई। परिजनों ने उन्हें कथित रूप से झूठे ड्रग्स मामले में फंसाए जाने की आशंका भी जताई है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। परिवार की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने भारतीय दूतावास को पत्र भेजकर मामले में जानकारी मांगी है। अब पुलिस के जवाब का इंतजार है, ताकि विनीत की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।
इस मामले में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि विनीत दुबे की बहन अपनी शिकायत लेकर पहुंची थीं। उन्होंने रूस में अपने भाई को रोके जाने और वहां की परिस्थितियों को लेकर चिंता जताई थी। इसके बाद पुलिस की ओर से करीब एक सप्ताह पहले भारतीय दूतावास को पत्र भेजा गया। फिलहाल दूतावास की ओर से कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है। डीआईजी के मुताबिक, दूतावास से विनीत की वर्तमान स्थिति और उन्हें वहां रोके जाने के कारणों के संबंध में जानकारी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। फिलहाल परिवार की उम्मीद भारतीय दूतावास के जवाब पर टिकी है। परिजन चाहते हैं कि विनीत की सुरक्षा सुनिश्चित हो और उन्हें जल्द से जल्द सकुशल भारत वापस लाया जाए। अब देखना होगा कि दूतावास से जानकारी मिलने के बाद इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।






