दुर्ग/बालोद। (सियासत दर्पण न्यूज़) दुर्ग जिले की अहिवारा विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का शुक्रवार को 78 साल की उम्र में निधन हो गया है। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे।
वे फेफड़े की बीमारी से पीड़ित थे। उनका हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में इलाज चल रहा था। आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मौत से पहले का उनका आखिरी वीडियो भी सामने आया है। जिसमें वो कह रहे हैं कि, कुछ लोग मेरे लिए दुआओं की जगह बद्दुआ कर रहे हैं।
लेकिन वो मेरे से अधिक बीमार पड़ा हुआ व्यक्ति है। मेरी जनता काफी अच्छी है। उनकी दुआओं से मैं कुछ दिन में लौट आऊंगा।
बता दें कि डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का पार्थिव शरीर आज रायपुर लाया गया। यहां से उनके पैतृक गांव भेण्ड्रा के लिए रवाना किया गया है।
रायपुर से भिलाई और दुर्ग होते हुए अंतिम यात्रा गांव पहुंचेगी, जहां उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक का माहौल है। CM विष्णुदेव साय समेत कई दिग्गज नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।
पढ़िए मौत से कुछ दिन पहले विधायक ने क्या कहा था ?
मैं अहिवारा विधानसभा की जनता का आभारी हूं। लोगों की दुआओं और ईश्वर की कृपा से मैं जल्द ही अपने क्षेत्र में लौटूंगा। 5-6 दिन में जनता के बीच पहुंच जाऊंगा। कुछ लोग मेरे लिए दुआ नहीं, बद्दुआ मांग रहे हैं। मैं जानता हूं कि कौन क्या कह रहा है, लेकिन नाम नहीं लेना चाहता। ऐसे लोगों को जनता के बीच जाने और उसका सामना करने का नैतिक अधिकार नहीं रहेगा। मेरे कार्यकर्ता और मेरी जनता मेरे साथ हैं। उनकी दुआओं से मैं जल्द स्वस्थ होकर लौटूंगा।
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लैक्चरर पद से रिटायर, फिर राजनीति में रखा था कदम
डोमनलाल कोर्सेवाड़ा छत्तीसगढ़ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे। उनका राजनीतिक जीवन लंबा रहा है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी सेवाएं दी थीं।
1998 में लैक्चरर पद से रिटायर होने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। 1999 में वे दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के तत्कालीन सांसद के निजी सहायक के रूप में भी कार्य कर चुके थे।
2008 में पहली बार बने थे विधायक
डोमनलाल कोर्सेवाड़ा पहली बार साल 2008 में भाजपा के टिकट पर अहिवारा विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए थे। 2018 में विधानसभा चुनाव में उन्हें फिर टिक्ट मिला।
हालांकि, यह सीट भाजपा के हाथ से निकल गई थी। साल 2018 में कांग्रेस के गुरु रुद्र कुमार यहां से विधायक निर्वाचित हुए थे। 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर डोमनलाल कोर्सेवाड़ा पर भरोसा जताया।
उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी निर्मल कोसरे को 25,263 मतों के बड़े अंतर से हराकर दूसरी बार विधानसभा में जगह बनाई। उन्हें कुल 96,717 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 71,454 मत प्राप्त हुए थे।
राजनीतिक सफर में मिलीं कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
विधायक के रूप में अपने पहले कार्यकाल के दौरान 2010 में उन्हें छत्तीसगढ़ विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया था। उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी प्राप्त था।
विधानसभा में उन्होंने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के कल्याण से संबंधित समितियों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
वर्ष 2023 में दूसरी बार विधायक निर्वाचित होने के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ विधानसभा की विभिन्न समितियों में जिम्मेदारी मिली। इनमें पुस्तकालय समिति के सभापति सहित अन्य समितियों में उनकी भूमिका शामिल रही।
वर्तमान में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष थे
उनकी वरिष्ठता और राजनीतिक अनुभव को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने अक्टूबर 2025 में उन्हें अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था।
उन्होंने नवंबर 2025 में इस पद का कार्यभार ग्रहण किया था। इस तरह निधन के समय वे अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक होने के साथ-साथ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।
12 अगस्त 1948 को जन्मे डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की थी। उन्होंने बीएड की डिग्री भी हासिल की थी।






