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*विदेशी मूल का कांग्रेस नेतृत्व, भारतीयों को विदेशी मूल का साबित करना चाहता है :भाजपा*

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नयी दिल्ली । (सियासत दर्पण न्यूज़) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इंडियन ओवरसीज़ कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा द्वारा भारत के लोगों पर नस्लीय टिप्पणी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंदिर जाने को देश की विविधता एवं एकता के लिए खतरा बताये जाने पर तीखी प्रतिक्रिया जतायी और कहा कि कांग्रेस जब से विदेशी मूूल के नेतृत्व के हाथों गयी है, तब से वह भारत की हर बात विदेशी मूल की साबित करने में लगी है। भाजपा के प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी और केन्द्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने यहां पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में सैम पित्रोदा के बयानों को देश को तोड़ने वाला करार दिया और कांग्रेस से इस अपराध के लिए देश से क्षमा याचना करने की मांग की। डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि श्री राहुल गांधी के उस्ताद सैम पित्रोदा ने भारत को लेकर कांग्र्रेस के उस विचार पर रोशनी डाली है, जिस पर श्रीमती सोनिया गांधी और शागिर्द श्री राहुल गांधी जैसे कांग्रेस के बड़े नेता भरोसा करते हैं। उनके बयान को कांग्रेस का बयान माना जा रहा है क्योंकि गांधी परिवार ने अभी तक उसका खंडन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा लोकसभा चुनाव अब भारत में विदेशी मानसिकता के असर में काम करने वालों और उन लोगों के बीच एक लड़ाई बन गए हैं, जो आत्मनिर्भरता और आत्म-सम्मान के साथ काम कर रहे हैं। डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि सैम पित्रोदा कह रहे हैं कि राम मंदिर, रामनवमी और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राम मंदिर दौरे से भारत की विविधता और लोकतंत्र को चुनौती मिल रही है। उन्होंने कहा, “मैं दोहराना चाहता हूं कि ऐसे विदेशी सलाहकारों के विचारों से प्रभावित लोग उस विचार को नहीं समझ सकते, जब प्रधानमंत्री श्री मोदी कहते हैं कि भारत लोकतंत्र की जननी है। वे इसमें क्यों हैं कि हमें सब कुछ विदेशियों द्वारा दिया गया है। उनका बयान देश की मौलिक पहचान के प्रति उनकी अज्ञानता और अवमानना ​​को दर्शाता है। जिस संस्कृति के बारे में वे दावा कर रहे हैं कि उसने भारत और लोकतंत्र के विचार को कमजोर कर दिया है, वह संस्कृति लोकतंत्र और विविधता का मौलिक आधार है। बाबरी ढांचे की रक्षा के लिए आप अदालत में खड़े थे और राम मंदिर को बदनाम करने के लिए आप विदेश से खड़े हो गये हैं।” उन्होंने कहा, “ये कांग्रेस का नेतृत्व विदेशी मूल का क्या हो गया, कांग्रेस सभी भारतीयों का मूल विदेशी में ही ढूंढने लगी। मैं इसे फिर से कह रहा हूं, जब से कांग्रेस का नेतृत्व विदेशी मूल के लोगों ने संभाला, उन्होंने उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम में भारतीयों को विदेशी मूल के रूप में देखना शुरू कर दिया। यह भारत की अस्मिता और उसके अस्तित्व के सवाल पर भारत के विचार की लड़ाई है। यह विदेशी मानसिकता है जो मुगलों और अंग्रेजों ने हमारे दिमाग में घर कर दी थी कि हम सब बाहरी हैं और भारत सिर्फ एक सराय है… कांग्रेस की मानसिकता स्पष्ट है, उनकी अवधारणा है ‘भारत को अंदर से तोड़ो, बाहर से जोड़ो’।” केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि इसकी कड़ी से कड़ी निंदा की जानी चाहिए। इससे पता चलता है कि कांग्रेस पार्टी आज स्वाभाविक रूप से भारत को विभाजित करने, भारतीयों को जाति, पंथ, पहचान और भौगोलिक आधार पर विभाजित करने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, “आप (कांग्रेस) खुद को अलग नहीं कर सकते। आप उस व्यक्ति से दूरी नहीं बना सकते जो भारतीयों के खिलाफ इस तरह की गहरी जड़ें जमा चुका है। आपको या तो उस पद से हटना होगा और आधिकारिक तौर पर कहना होगा कि एक वरिष्ठ नेता ने जो कहा है उसके लिए कांग्रेस माफी मांगती है। दक्षिण भारत के – सिद्धारमैया, रेवंत रेड्डी, मैं दक्षिण भारत के इंडी गठबंधन के नेताओं – एम के स्टालिन, पिनराई विजयन से सैम पित्रोदा को चुनौती देने के लिए कहता हूं। श्री राहुल गांधी को अपने उस्ताद के शब्दों के लिए माफी मांगनी चाहिए।”

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