Home / chhattisgarh / *कवर्धा,विद्यार्थियों सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों ने स्वामी आत्मानंद स्कूल में जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के संवाद का श्रवण किया,सियासत दर्पण न्यूज़ से दुखहरण सिंह ठाकुर की रिपोर्ट*

*कवर्धा,विद्यार्थियों सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों ने स्वामी आत्मानंद स्कूल में जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के संवाद का श्रवण किया,सियासत दर्पण न्यूज़ से दुखहरण सिंह ठाकुर की रिपोर्ट*

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कवर्धा,सियासत दर्पण न्यूज़, 29 जनवरी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज दिल्ली के प्रगति मैदान में भारत मंडपम से बोर्ड परीक्षा 2024 से पहले देशभर के विद्यार्थियों के तनाव को कम करने के लिए ’परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों से बातचीत कर मार्गदर्शन प्रदान किया। कबीरधाम जिले में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के संवाद का सीधा प्रसारण को विद्यार्थियों ने श्रवण किया। कार्यक्रम में सांसद संतोष पाण्डेय विशेष रूप से उपस्थित थे। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला भट्ट, कलेक्टर जनमेजय महोबे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित जिला शिक्षा अधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का संवाद का श्रवण किया। इसके साथ ही जिले के सभी शासकीय,

अशासकीय, अनुदान प्राप्त पूर्व माध्यमिक व हाई तथा हायर सेकंडरी स्कूलों में भी शिक्षक और विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री जी के संवाद का श्रवण किया। ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में देश भर के विद्यार्थियों अभिभावकों ने परीक्षाओं के समय आने वाली तनाव, दुविधाओ और जिज्ञासाओं को प्रधानमंत्री के समक्ष रखा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी के जिज्ञासाओं को सहजता से दूर किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि अगर जीवन में चुनौतियां ना हों तो फिर जीवन बहुत ही चेतनाहीन बन जाएगा, प्रतिस्पर्धा होनी ही चाहिए, लेकिन यह हेल्दी होना चाहिए। परीक्षा में सबसे बड़ा चैलेंज होता है लिखना, इसलिए अपना ध्यान प्रैक्टिस में रखें। परीक्षा से पहले विषय के बारे में या जो पढ़ा है वह लिखें फिर खुद ही उसे ठीक करें, क्योंकि अगर आपको तैरना आता है तो पानी में जाने से डर नहीं लगता। जो प्रैक्टिस करता है उसे भरोसा होता कि मैं पार कर जाऊंगा। जितना ज्यादा आप लिखेंगे उतनी ज्यादा शार्पनेस आएगी। परीक्षा कक्ष में कोई अन्य छात्र कितनी स्पीड से लिख रहा है, अगल-बगल में कौन क्या कर रहा है वो सब छोड़कर खुद पर भरोसा रखें। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने एग्जाम हॉल में जाने के दौरान होने वाले तनाव से बचने का सुझाव देते हुए कहा कि पैरेंट्स को उत्साह के साथ बच्चे को एग्जाम हॉल में जाने देना चाहिए। एग्जाम हॉल में हमेशा आप जल्दी जाने की कोशिश करें। एग्जाम हॉल में गहरा सांस लीजिए और खुद में खोने की कोशिश की जाए। अब आपके हाथ में पेपर आएगा तो आपको तनाव महसूस नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हमेशा प्रश्न पेपर को पढ़ लीजिए और उन्हें हल करने का समय तय कर लीजिए। छात्रों को हमेशा सवालों को लिखकर प्रैक्टिस करनी चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विद्यार्थी द्वारा शारीरिक व्यायाम के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि जैसे मोबाइल फोन को चार्जिंग की जरूरत होती है, इसी तरह शरीर को भी चार्जिंग की जरूरत होती है। जीवन इसके बिना नहीं जी सकते हैं, इसलिए जीवन को थोड़ा संतुलित बनाना पड़ता है। अगर हम स्वस्थ ही नहीं रहेंगे तो हो सकता है कि तीन घंटे परीक्षा में ही ना बैठ पाएं। स्वस्थ शरीर स्वस्थ मन के लिए जरूरी है। इसका मतलब यह नहीं कि आपको पहलवानी करनी है। किताब लेकर सनलाइन में पढ़ें क्योंकि शरीर को रीचार्ज करने में सनलाइट की भी जरूरत होती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि एक के बाद एक रील्स देखते रहेंगे तो समय बर्बाद हो जाएगा, नींद खराब होगी, जो पढ़ा है वो याद नहीं रहेगा। नींद को कम ना आंके। आधुनिक हेल्थ साइंस नींद को बहुत तवज्जोह देता है। आप नींद आवश्यक लेते हैं या नहीं, यह आपके स्वास्थ्य पर ध्यान देता है। जिस उमर में हैं, उसमें जिन चीजों की जरूरत है वो आहार में है या नहीं यह जानना जरूरी है। हमारे आहार में सुतंलन स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, फिटनेस के लिए एक्सरसाइज करना चाहिए, जैसे रोज टूथब्रश करते हैं वसे ही नो कॉम्प्रोमाइज एक्सरसाइज करनी चाहिए।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि घर के अंदर परिवार के अंदर अच्छा वातावरण जरूरी है. टेक्नोलॉजी को बोझ नहीं मानना चाहिए, इसका सही उपयोग सीखना जरूरी है। आप अपने माता-पिता को बताएं कि मोबाइल पर क्या-क्या होता है. नहीं तो मां बाप को लगेगा कि मोबाइल मतलब दोस्तों से चिपका हुआ है। स्क्रीन टाइमर ऑन करके रखें, ताकि आपको पता चलें कि कहीं आप मोबाइल का ज्यादा उपयोग तो नहीं कर रहे ताकि हमें भी पता चले कि समय ज्यादा हो गया, अब रुकना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शिक्षकों को टिप्स देते हुए कहा कि बच्चों के तनाव को कम करने में शिक्षक की अहम भूमिका होती है। इसलिए शिक्षक और छात्रों के बीच हमेशा सकारात्मक रिश्ता रहना चाहिए। शिक्षक का काम सिर्फ जॉब करना नहीं, बल्कि जिंदगी को संवारना है, जिंदगी को सामर्थ्य देना है, यही परिवर्तन लाता है। परीक्षा के तनाव को विद्यार्थियों के साथ-साथ पूरे परिवार और टीचर को मिलकर एड्रेस करना चाहिए।

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