*भारत को अशान्त करना चाहता है वैचारिक आतंकवाद,,सैयद अशरफ़,,सियासत दर्पण न्यूज़ रिपोर्ट*

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सियासत दर्पण न्यूज़ रिपोर्ट

नई दिल्ली,सियासत दर्पण न्यूज़,4 अक्टूबर 2024 शुक्रवार नई दिल्ली आल इंडिया उलमा व मशाईख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सैयद मुहम्मद अशरफ़ किछौछवी ने देश की राजधानी से सटे गाज़ियाबाद में एक वैचारिक आतंकवादी द्वारा पैग़म्बरे अमन -ओ – शांति के बारे मे दुस्साहसिक टिप्पड़ी पर कड़े ग़ुस्से का इज़हार किया उन्होंने कहा कि भारत का अमन पसंद नागरिक इस तरह की बातों को बर्दाश्त नहीं करेगा उन्होंने सरकार से तुरंत इस आतंकी को गिरफ्तार करने की माँग की और कहा कि जब तक देश में ईशनिंदा क़ानून नहीं बनता आसानी से विदेशी ताक़तें इस तरह के चिंटुओं को वैचारिक आतंकवादी बनाकर भारत में अस्थिरता फैलाने की साज़िश रचते रहेंगे,उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत जाँच करनी चाहिए कि आख़िर इस नरसिंहानंद के पीछे कौन सी विदेशी ताक़त है साथ ही उन्होंने कहा कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय को भी इसका स्वतः संज्ञान लेना चाहिए। क्योंकि यह घिनौना कृत्य सिर्फ़ एक धर्म या किसी एक धर्म के प्रवर्तक के ख़िलाफ़ कही जाने वाली बात नहीं है जबकि यह देश में व्यापक पैमाने पर अशांति फैलाने की खुली साज़िश है ।
हज़रत ने कहा कि देश में बहुसंख्यक वर्ग जिस समय नवरात्र के व्रत रख रहा है इसके बाद दशहरा और दीवाली जैसे त्योहार आने वाले हैं ऐसे समय में ऐसी बात करना सीधे तौर पर बहुत बड़ी साज़िश है जिससे भारत की एकता ,अखंडता को बचा पाना मुश्किल हो सकता है क्योंकि इस आतंकवादी द्वारा कही गई बात इतनी अधिक ज़हरीली है जिससे सिर्फ़ भारत के ही नहीं अपितु पूरे विश्व के मुसलमान गम और ग़ुस्से में हैं ।
वहीं यह कृत्य जिस समय किया गया है उससे भी यह एक साज़िश की ओर इशारा दे रहा है हरियाणा चुनाव से कुछ घंटों पहले दिया गया यह वक्तव्य न सिर्फ़ हरियाणा बल्कि आने वाले झारखंड महाराष्ट्र और दिल्ली के चुनाव को भी प्रभावित कर सकता, है लेकिन जिस तरह से पुलिस सहित सभी सुरक्षा एजेंसियाँ ख़ामोश हैं और कोई कार्यवाही नहीं कर रही हैं उससे साफ़ लगता है कि साज़िश बहुत व्यापक है इस संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए ।
हज़रत ने समूचे विपक्ष को भी इस संबंध में आवाज़ उठाने का आह्वान किया और कहा कि देश बचाने के लिए सबको साथ आना होगा उन्होंने इसके साथ यह भी कहा कि अगर इस मसले पर भी विपक्ष ख़ामोश रहता है तो भारतीय मुसलमानों को विकल्प पर विचार करना चाहिए वहीं हज़रत ने सभी से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी तरह के बहकावे में न आयें क़ानून का सहारा लें लोग हर जगह मुक़दमा दर्ज करायें न्यायालय में अपील करें और इस संबंध में कोई ऐसा प्रभावी क़दम उठायें जिससे ऐसे आतंकवादियों को सजा भी मिल सके और उनके भारत को अस्थिर करने के मंसूबे भी कामयाब न होने पाएँ !

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