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*रायपुर,,स्वामी अभिरामदास के खिलाफ गंभीर आरोप, कलेक्टर और SP से शिकायत*

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रायपुर।(सियासत दर्पण न्यूज़) रायपुर कुशालपुर निवासी अमनदत्त ठाकुर उर्फ स्वामी अभिरामदास के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए रायपुर के संत समाज ने रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह से शिकायत की है। शिकायत में कहा गया है कि स्वामी अभिरामदास ने संत का दिखावा कर राधाकृष्णालय लोक न्यास ट्रस्ट के माध्यम से गोसेवा, कुंभ और अन्य धार्मिक आयोजनों के नाम पर आम जनता से चंदा इकट्ठा किया, लेकिन अब तक इस राशि का सही हिसाब नहीं दे पा रहा है।

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संत समाज ने ज्ञापन में बताया कि अमनदत्त ठाकुर ने ग्राम बोघाछापर, जिला धमतरी में फर्जी गौशाला संचालित की। पहले इस मामले की शिकायत धमतरी पुलिस अधीक्षक को दी गई थी। जांच में गौशाला फर्जी पाई गई, जिसके बाद प्रकरण रायपुर के पुरानी बस्ती थाने भेजा गया। लेकिन 6 माह गुजरने के बावजूद अब तक किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की गई।

शिकायतकर्ताओं ने इस बात से व्यथित होकर सूचना के अधिकार (RTI) के माध्यम से रायपुर के जनसूचना एवं अनुविभागीय अधिकारी से जानकारी प्राप्त की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट ने अब तक अपने किसी भी चल-अचल संपत्ति, बैंक खातों का विवरण, लेन-देन की जानकारी या ऑडिट रिपोर्ट कार्यालय में प्रस्तुत नहीं की है। दस्तावेजों की अनुपस्थिति इस बात को स्पष्ट करती है कि ट्रस्ट ने छत्तीसगढ़ लोक न्यास अधिनियम 1951 के प्रावधानों का उल्लंघन किया है।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि अमनदत्त ठाकुर ने फर्जी गौशाला स्थापित कर और अपने यूट्यूब चैनल “आध्यात्म की विरासत” के माध्यम से प्रदेश सहित पूरे देश के लोगों से चंदा वसूला। जब शिकायतकर्ताओं ने इस फर्जीवाड़े को उजागर किया, तब चैनल से संदिग्ध प्रवचन, भ्रामक जानकारियाँ और विज्ञान विरोधी कथाएँ समय-समय पर हटा दी जाती रहीं।
संत समाज रायपुर ने पुलिस से अनुरोध किया है कि:

राधाकृष्णालय लोक न्यास ट्रस्ट का पंजीयन तुरंत रद्द किया जाए।
ट्रस्ट में आने वाली राशि का हिसाब-किताब और ऑडिट रिपोर्ट मंगाकर पूरी जांच की जाए।
यदि जानकारी देने में कोई कोताही होती है, तो ट्रस्ट के खिलाफ धोखाधड़ी और धन गबन का मामला दर्ज किया जाए।
उक्त यूट्यूब चैनल के माध्यम से भ्रामक और संदिग्ध जानकारी प्रसारित होने पर रोक लगाई जाए।

संत समाज के सदस्यों ने कहा कि यह कार्रवाई धार्मिक आस्था और जनता के हित की रक्षा के लिए आवश्यक है और ऐसे फर्जी संतों के खिलाफ सख्त कदम उठाना अति आवश्यक है।

 

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