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*रायपुर में कारोबारी से 11 करोड़ की ठगी*

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(सियासत दर्पण न्यूज़) राजधानी रायपुर में कारोबारी से जमीन के नाम पर 11 करोड़ 51 लाख की ठगी हुई है। पीड़ित ने हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़े डायरेक्टर, प्रमोटर शेयर होल्डरों और प्रॉपर्टी ब्रोकर पर आरोप लगाया है। मामला सरस्वती नगर थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित कारोबारी का नाम विकास कुमार गोयल है। संभव ट्यूब्स प्राइवेट लिमिटेड डायरेक्टर हैं। सरस्वती नगर में रहते हैं। उन्होंने बलौदाबाजार में जमीन खरीदी और एग्रीमेंट कर 11 करोड़ 51 लाख रुपए एडवांस में दे दिए थे। बाद में पता चला कि जमीन पहले से बैंक में गिरवी है।

इसके बाद कारोबारी विकास ने हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर, प्रमोटर शेयरहोल्डर और प्रॉपर्टी ब्रोकर से पैसे मांगे तो उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया। पुलिस ने हाई-टेक एब्रेसिव्स कंपनी के डॉयरेक्टर, प्रमोटर और शेयरहोल्डर को गिरफ्तार किया है। अन्य 9 की तलाश जारी है।

दरअसल, विकास कुमार गोयल 16 जनवरी को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में बताया कि 15 अक्टूबर 2025 को हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों और प्रॉपर्टी ब्रोकर रोहित कुमार घृतलहरे ने बलौदाबाजार के सिमगा तहसील के ग्राम नेवधा में स्थित लगभग 22.347 हेक्टेयर जमीन की जानकारी दी।

आरोप है कि नारायण प्रसाद टेकरीवाल, लक्ष्मीचंद गुरवानी, पंकज टेकरीवाल, विनोद बाजोरिया, राघवेन्द्र चंद सिन्हा, सेजल राठौर, शकुन्तला देवी टेकरीवाल, रोहित कुमार घृतलहरे, निशा अग्रवाल, निना जैन, नीता मस्कारा और प्रीतम कुमार टेकरीवाल ने भरोसा दिलाया कि जमीन में कोई गड़बड़ी नहीं है।

कारोबारी ने बताया कि सेल्स एग्रीमेंट के बाद संभव ट्यूब्स प्राइवेट लिमिटेड ने अलग-अलग तारीखों पर चेक और RTGS के जरिए हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड के अकाउंट में कुल 11.51 करोड़ रुपए एडवांस पेमेंट के तौर पर ट्रांसफर किए।

इसके बाद विकास गोयल ने जमीन की पूरी जांच की। जांच के दौरान पता चला कि जमीन पहले से ही एक बैंक के पास गिरवी रखी हुई थी। यह जमीन ग्लोबल हाई-टेक इंडस्ट्रीज लिमिटेड नाम की एक सिस्टर कंसर्न ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास गिरवी रखी थी।

इसके अलावा 2019 में डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT) मुंबई ने पहले ही एक आदेश जारी किया था। बैंक को इस जमीन से अपना बकाया वसूलने का अधिकार दिया गया था।बिजनेसमैन विकास कुमार गोयल ने बताया कि जब उन्होंने बैंक से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मांगा, तो आरोपी ने न तो NOC दिया और न ही एडवांस पेमेंट वापस किया। 9 जनवरी 2026 को हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड को एक औपचारिक पत्र भी भेजा गया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।

पीड़ित बिजनेसमैन का आरोप है कि हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर, प्रमोटर शेयरहोल्डर और प्रॉपर्टी ब्रोकर ने मिलकर इस धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन को अंजाम दिया। सरस्वती नगर पुलिस स्टेशन ने सभी आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 338 और 336(3) के तहत मामला दर्ज किया है।

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