सियासत दर्पण न्यूज़ रायपुर छत्तीसगढ़
बीजेपी के चाल चरित्र को देश की जनता समझ चुकी हैं
संतों से लेकर मोदी भक्तों तक सबका नंबर आ रहा है
बीजेपी सरकार हिटलर का स्वरूप
बीजेपी के पाप का घड़ा भर गया है
जगद्गुरु शंकराचार्य जी को आज 11 दिन हो गए धरने पर बैठे बीजेपी सरकार की तरफ से किसी भी प्रकार की पहल नहीं
गौ माता के मांस का व्यापार वालों से चंदा लेने वाली पार्टी सनातन होने की बात करती है
सनातन की बात करने वाले बांग्लादेश में हिंदू की मौत पर चुप्पी साधे बैठे हैं – विकास उपाध्याय
रायपुर,,सियासत दर्पण न्यूज़, (छ.ग.) पूर्व संसदीय सचिव एवं छाया सांसद विकास उपाध्याय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक शहर एवं गावों में भारतीय जनता पार्टी द्वारा विराट हिंदू सम्मेलन का नाम देकर अपने कार्यकर्ताओं का एक बैठक कर जनता को गुमराह करने की साजिश रची जा रही है और मूल समस्याओं से तथा वर्तमान परिस्थितियों से ध्यान भटकाने का काम किया जा रहा है। आज की मौजूदा स्थिति में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ आम जनता में इतना आक्रोश है और इस बात को भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेता समझ चुके हैं। इसीलिए हिंदू सम्मेलन का नाम देकर जगह-जगह पर अपना प्रचार करने का एक माध्यम बना रही है। उपाध्याय ने कहा कि देश एवं प्रदेश की जनता भारतीय जनता पार्टी के चाल-चरित्र को समझ चुकी है, खासतौर पर अब एक बड़ा हिंदू समुदाय भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ हो चुका है। गौ माता के मांस का व्यापार करने वालों से चंदा लेने वाली पार्टी सनातन होने की बात करती है और इनके इस रूप को जो वास्तविक सनातनी हैं वो अब समझ चुके हैं। उपाध्याय ने कहा कि सनातन की बात करने वाले बांग्लादेश में हिंदुओं की मौत पर चुप्पी साधे बैठे हैं जबकि वहाँ लगातार हिंदुओं को कत्लेआम किया जा रहा है लेकिन देश की केन्द्र सरकार कार्यवाही के नाम पर आज तक किसी भी प्रकार की पहल नहीं की है।
प्रयागराज की पवित्र धरती पर मौनी अमावस्या जैसे महापर्व के दिन जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के साथ हुआ दुर्व्यवहार कोई साधारण प्रशासनिक घटना नहीं, बल्कि सनातन धर्म, उसकी हजारों वर्षों पुरानी परंपरा और करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर किया गया खुला और निर्लज्ज प्रहार है। इस गंभीर और शर्मनाक घटना को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रखर हिंदूवादी नेता एवं पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने केंद्र एवं उत्तर प्रदेश राज्य की भाजपा सरकार और उत्तर प्रदेश प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए इसे सनातन संस्कृति को कुचलने का प्रयास बताया है।
विकास उपाध्याय ने कहा कि सनातन की आत्मा को रौंदने का दुस्साहस बीजेपी की सरकार में हुआ है, शंकराचार्य का पद किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित सनातन धर्म की सर्वोच्च वैचारिक और आध्यात्मिक सत्ता का प्रतीक है। उपाध्याय ने कहा कि – प्रयागराज वह भूमि है जहां वेद, शास्त्र और संत परंपरा सांस लेती है। उसी भूमि पर शंकराचार्य जी का मार्ग रोकना और उनके साथ दुर्व्यवहार करना यह दर्शाता है कि सत्ता के मद में चूर यह शासन अब सनातन के अस्तित्व को ही चुनौती देने पर उतर आया है। यह अपराध अक्षम्य है और हिंदू समाज इसे कभी नहीं भूलेगा।
विकास उपाध्याय ने भाजपा पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा का हिंदुत्व पूरी तरह बेनकाब हो चुका है, आज भाजपा का तथाकथित हिंदुत्व पूरी तरह ढह चुका है। उन्होंने कहा कि -जो पार्टी खुद को हिंदू धर्म की रक्षक बताती है, उसी के शासन में जगद्गुरु शंकराचार्य का अपमान होता है। यह भाजपा के ढोंग, पाखंड और झूठे हिंदू प्रेम का सबसे बड़ा प्रमाण है। सत्ता के नशे में डूबी इस सरकार को न संतों की मर्यादा की चिंता है और न ही सनातन परंपरा के सम्मान की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने यह सब सरकारी संरक्षण में किया, जो इस घटना को और भी गंभीर और खतरनाक बनाता है। विकास उपाध्याय ने कहा कि यह घटना पूरे हिंदू समाज के लिए चेतावनी है। आज शंकराचार्य को रोका गया है, कल किसी और संत को रोका जाएगा। अगर आज हिंदू समाज चुप रहा, तो आने वाला समय और भी भयावह होगा। यह समय मौन का नहीं, जागरण और प्रतिशोध का है।
विकास उपाध्याय ने दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की है, उत्तर प्रदेश सरकार को स्पष्ट शब्दों में चेताया है कि इस कृत्य में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक कर्मियों को तत्काल निलंबित कर बर्खास्त किया जाए। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और सार्वजनिक जांच कर यह बताया जाए कि यह आदेश किसके इशारे पर दिए गए। दोषियों को ऐसी सजा दी जाए जो उदाहरण बने, न कि दिखावटी कार्रवाई हो।
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि हिंदू समाज अब सड़क पर उतरने को तैयार है, हिंदू समाज की सहनशीलता को उसकी कमजोरी न समझा जाए। यह अपमान हर सनातनी के हृदय पर चोट है। यदि दोषियों पर तुरंत और निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई, तो यह जनआक्रोश आंदोलन का रूप लेगा और इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह शासन और प्रशासन की होगी। विकास उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि धर्म, संत और संस्कृति के सम्मान पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि विकास उपाध्याय छत्तीसगढ़ के उन चुनिंदा नेताओं में हैं, जो राजनीति से ऊपर उठकर सनातन धर्म, संत सम्मान और हिंदू अस्मिता के प्रश्न पर हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे हैं। उनका यह आक्रामक रुख स्पष्ट संकेत है कि सनातन के सम्मान के लिए अब निर्णायक संघर्ष का समय आ चुका है।







