सियासत दर्पण न्यूज़ से गणेश तिवारी की रिपोर्ट
महिला एवं बाल विकास अधिकारी पर निजी पिकनिक में सरकारी वाहन उपयोग का आरोप, ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग
कांकेर।सियासत दर्पण न्यूज़,,जिले में शासकीय संसाधनों के कथित दुरुपयोग को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कांकेर द्वारा शासकीय वाहन का निजी उपयोग किए जाने के आरोपों को लेकर कलेक्टर उत्तर बस्तर कांकेर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन आर. ठाकुर के द्वारा सौंपा गया, जिसमें पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि दिनांक 03 जनवरी 2026 को दैनिक अमर स्तम्भ अख़बार कांकेर में प्रकाशित समाचार के माध्यम से यह तथ्य सामने आया कि महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकारी द्वारा शासकीय वाहन क्रमांक सीजी 02 7441 का उपयोग अपने परिवार के साथ निजी आयोजन एवं पिकनिक मनाने के लिए किया गया। बताया गया कि यह वाहन शासकीय कार्यों के लिए निर्धारित है, बावजूद इसके इसका उपयोग निजी प्रयोजन के लिए किया गया, जो कि शासन के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
ज्ञापन सौंपने वाले आर. ठाकुर का कहना है कि शासकीय वाहनों का उपयोग केवल शासकीय कार्यों के लिए ही किया जाना चाहिए। निजी कार्यों, भ्रमण या पारिवारिक पिकनिक के लिए सरकारी गाड़ियों का उपयोग नियम विरुद्ध है। इस तरह के कृत्य से न केवल शासकीय मर्यादा को ठेस पहुंचती है, बल्कि सरकारी धन का भी दुरुपयोग होता है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि शासकीय वाहन के साथ-साथ ईंधन, चालक एवं अन्य खर्च भी शासकीय मद से किए गए होंगे, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। यदि इस प्रकार अधिकारी अपने निजी कार्यों के लिए सरकारी संसाधनों का उपयोग करेंगे, तो यह एक गलत परंपरा को जन्म देगा और भविष्य में ऐसे मामलों की संख्या बढ़ सकती है।
मामले को लेकर आम नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों में भी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि जब आम जनता से नियमों के पालन की अपेक्षा की जाती है, तब शासकीय पदों पर बैठे अधिकारियों द्वारा नियमों की अनदेखी किया जाना अनुचित है। इससे प्रशासन की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
ज्ञापन के माध्यम से आर. ठाकुर ने कलेक्टर से मांग की है कि प्रकाशित समाचार एवं तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही शासकीय वाहन के दुरुपयोग से हुए खर्च की वसूली भी संबंधित अधिकारी से किए जाने की मांग की गई है।








