जानकारी के अनुसार अजगर खेत के किनारे एक गड्ढे में कुंडली मारकर बैठा हुआ था। इसकी लंबाई 10 फीट से अधिक तथा वजन करीब 15 किलोग्राम बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खेत से लौट रहे एक किसान की नजर अचानक अजगर पर पड़ी। जैसे ही इसकी जानकारी अन्य ग्रामीणों को मिली, बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सर्पमित्र को बुलाया गया, जिन्होंने बिना किसी को नुकसान पहुंचाए अजगर को सुरक्षित तरीके से पकड़कर बोरे में बंद किया। स्थानीय ग्रामीण राजू राम साहू और पुरुषोत्तम देवांगन ने बताया कि क्षेत्र जंगल से सटा हुआ है, जिसके कारण अक्सर जंगली जानवर और खतरनाक सांप रिहायशी इलाकों तक पहुंच जाते हैं।
बीते कुछ समय से क्षेत्र में ऐसे मामलों की संख्या बढ़ी है, जिससे ग्रामीणों में चिंता बनी रहती है। रेस्क्यू के बाद सर्पमित्र द्वारा अजगर को सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। जानकारी के अनुसार, पिछले दो महीनों में धमतरी जिले में 10 से अधिक बड़े अजगरों का रेस्क्यू किया जा चुका है।
इस अवसर पर सर्पमित्र सूर्यकांत साहू ने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी सांप को देखकर घबराएं नहीं और न ही उसे नुकसान पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि प्रकृति में हर जीव का अपना महत्व होता है और सांप पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। अज्ञानता में सांपों को मारना न केवल गलत है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी नुकसानदायक है।






