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*अंबिकापुर में पत्नी को तीन तलाक, हंगामा*

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अंबिकापुर :(सियासत दर्पण न्यूज़)  अंबिकापुर में मुस्लिम युवक ने रिश्तेदारों के सामने ही पत्नी को तीन तलाक बोल दिया। पारिवारिक विवाद के बाद समझौता कराने ससुराल पहुंचे मायके वालों और मोहल्ले वालों के सामने ही पति ने पत्नी को तीन बार तलाक बोलकर रिश्ता तोड़ दिया। पीड़िता की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने पति के खिलाफ मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा चार के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना छह जून 2026 की शाम अंबिकापुर के सदर रोड स्थित महिला के ससुराल में हुई। समझौता हो जाने की उम्मीद पर महिला ने अभी तक शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। सारी संभावना खत्म हो जाने पर पुलिस से लिखित शिकायत की गई।

महिला सहाना बानो (31) अंबिकापुर के मोमिनपुरा समलाया मंदिर के पास मायके में निवास करती है। सहाना के अनुसार उसका विवाह 18 जून 2022 को मुस्लिम रीति-रिवाज से शोएब खान (40) निवासी सदर रोड अंबिकापुर से हुआ था। शादी के करीब तीन माह तक पति ने उसे अच्छे से रखा, लेकिन बाद में दहेज में कुछ लेकर नहीं आई हो कहकर परेशान करने लगा।

सहाना ने पुलिस को बताया कि उसके मायके वालों ने ससुराल वालों को घर का पूरा सामान एवं तीन लाख रुपये नकद दिया था। इसके बावजूद ससुराल वाले पांच लाख रुपये दहेज की मांग करने लगे। प्रताड़ना से परेशान होकर सहाना ने महिला थाना अंबिकापुर में दहेज का प्रकरण दर्ज कराया था। इसके बाद से वह मायके मोमिनपुरा में रह रही है। सहाना के अनुसार छह जून 2026 को वह अपने घर वालों, मोहल्ले वालों के साथ ससुराल सदर रोड समझौता कराने गई थी, ताकि किसी तरह बात बन जाए और ससुराल वाले उसे अच्छे से रख लें।

घर वाले बातचीत कर रहे थे कि मेरी बेटी सहाना को रख लो। लेकिन ससुराल वाले मानने को तैयार नहीं थे। इसी बीच पति शोएब सबके सामने बोलने लगा कि मैं तुमको नहीं रख सकता हूं और तीन बार तलाक-तलाक-तलाक बोल दिया। सहाना ने बताया कि घर वालों ने पति को बहुत समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। घटना के समय उसके परिवार के सदस्य जान मोहम्मद, समीर अंसारी, पड़ोसी अब्दुल रज्जाक अंसारी और कलीम अंसारी मौजूद थे।

तीन तलाक के बाद सहाना वर्तमान में अपने माता-पिता के पास मोमिनपुरा में रह रही है। आवेदिका के आवेदन पर प्रथम दृष्टया मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा चार का संज्ञेय अपराध घटित होना पाए जाने से कोतवाली पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। कानून के तहत तीन तलाक देना दंडनीय अपराध है। पुलिस मामले में गवाहों के बयान दर्ज कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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