रायपुर।(सियासत दर्पण न्यूज़) दिल्ली, हरियाणा और बिहार के युवक पहले से एक-दूसरे के संपर्क में थे और इंस्टाग्राम ग्रुप चैट के जरिए पूरी योजना बना रहे थे। वारदात को अंजाम देने के इरादे से तीन आरोपी अप्रैल में पहली बार रायपुर पहुंचे। रेकी के लिए उन्होंने अपनी बाइक ट्रेन पार्सल से रायपुर मंगाई, लेकिन बाइक गलती से गोंदिया पहुंच गई।
इसके बाद वे गोंदिया जाकर बाइक लेकर रायपुर आए और कल्याण ज्वेलर्स की सुरक्षा व्यवस्था व आसपास के इलाके की विस्तार से रेकी की। लौटते समय बाइक रेलवे स्टेशन की पार्किंग में छोड़ गए। मई में गिरोह के दो अन्य सदस्य फिर रायपुर पहुंचे और दोबारा रेकी कर बाइक वापस ले गए। इसके बाद इंस्टाग्राम ग्रुप चैट के जरिए पूरी रणनीति तैयार हुई। फरार दोनों आरोपी मोबाइल से लोकेशन, फोटो, पैसों और अन्य अपडेट साझा कर ऑपरेशन संचालित कर रहे थे।
लक्ष्य ज्वेलर्स में हो चुकी है चोरी
मई 2026: शंकर नगर के लक्ष्य ज्वेलर्स में करोड़ों की चोरी हुई थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कुछ जेवर बरामद किए थे। यह चोरी की वारदात थी, डकैती की साजिश नहीं।
गैस कटर की तलाश में थे, तभी पुलिस के हत्थे चढ़े
डीसीपी नॉर्थ दीपमाला कश्यप के मुताबिक बुधवार रात तीनों आरोपी ट्रेन से रायपुर पहुंचे। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-7 के पीछे नए रोड के पास वे वारदात के लिए गैस कटर की तलाश कर रहे थे। मुखबिर से सूचना मिलने पर गुढ़ियारी पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ के बाद तीनों को हिरासत में ले लिया। जांच में डकैती की पूरी योजना सामने आई।
मोबाइल में बिहार के शोरूमों की मिलीं कई तस्वीरें भी
पुलिस को आरोपियों के मोबाइल के तकनीकी विश्लेषण में पंडरी स्थित कल्याण ज्वेलर्स के अलावा बिहार के कई शोरूमों की तस्वीरें भी मिली हैं। हालांकि पुलिस के अनुसार बिहार में उन शोरूमों में डकैती की किसी वारदात की जानकारी नहीं मिली है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों का फिलहाल कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है, जबकि फरार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है।
बिहार के ज्वेलरी शोरूम भी निशाने पर थे
पुलिस बरामद मोबाइल फोन के तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है, हथियारों की व्यवस्था कैसे की गई और क्या शहर के अन्य ज्वेलरी शोरूम भी इनके निशाने पर थे।






