बिलासपुर:(सियासत दर्पण न्यूज़) मध्य प्रदेश से आकर सिरगिट्टी क्षेत्र में मजदूरी करने वाले श्रमिक और उसकी पत्नी की लाश एक ही साड़ी के फंदे पर लटकी मिली है। इसकी सूचना पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पीएम कराया है। प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि पत्नी ने रक्षाबंधन पर अपने पति से 10 हजार रुपये मांगे थे। मना करने पर दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद सुबह उनकी लाश मिली। पुलिस ने पीएम के बाद दोनों के शव को स्वजन को सौंप दिया है।
मध्य प्रदेश के अनुपपुर जिला अंतर्गत जामकछार में रहने वाले रमेश सिंह बंजारा (35) रोजी मजदूरी करते थे। कुछ साल से वे सिरगिट्टी क्षेत्र के नयापारा में अपनी पत्नी माया बंजारे (30) और दो बच्चों के साथ किराए के मकान में रह रहे थे। रमेश यहां एक फैक्ट्री में मजदूरी करते थे। मंगलवार की सुबह रमेश और उनकी पत्नी माया का शव साड़ी से बनाए फांसी के फंदे पर लटका मिला। सुबह बच्चों ने अपनी मां और पिता को फांसी के फंदे पर लटकते देख मोहल्ले के लोगों को इसकी जानकारी दी। पति-पत्नी की लाश मिलने की सूचना पर सिरगिट्टी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने घटना की सूचना रमेश के स्वजन को दी। दोपहर तक रमेश के स्वजन भी शहर पहुंच गए। स्वजन की मौजूदगी में पुलिस ने बच्चों से घटना के संबंध में जानकारी ली। इसमें पता चला कि माया ने रक्षाबंधन पर अपने पति से 10 हजार रुपये मांगे थे। रमेश ने रुपये का इंतजाम नहीं हो पाने की बात कही। इसी बात को लेकर सोमवार की रात पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। इसके बाद बच्चों को सुलाकर दोनों भी सो गए। सुबह जब बच्चे जागे तब उनकी लाश फांसी के फंदे पर लटक रही थी। स्वजन के बयान के बाद पुलिस ने दोनों का पीएम कराया है। पीएम के बाद स्वजन दोनों के शव गांव ले गए हैं।
आर्थिक तंगी से जूझ रहा था परिवार
पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि रमेश रोजी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था। उनकी एक बेटी चौथी कक्षा में पढ़ रही है। बेटा उससे छोटा है। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण पति-पत्नी के बीच आए दिन घरेलू जरूरतों को लेकर विवाद होता था। रात को दोनों के बीच हुए विवाद के बाद बच्चे सो गए थे। सुबह जब बच्चे जागे तो वे अनाथ हो चुके थे। स्वजन उन्हें अपने साथ ले गए हैं।





