जांजगीर।(सियासत दर्पण न्यूज़) नवागढ़ थाने में पुलिस विवेचना पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि पुलिस ने मामले की समुचित छानबीन किए बिना मुख्य आरोपित के भाई को आरोपित बना दिया और उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने कार्रवाई करते हुए संबंधित विवेचक एसआई को लाइन अटैच कर दिया है।
बिना छानबीन के भाई को बनाया आरोपी
जानकारी के अनुसार नवागढ़ थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 और 125 (1) के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस रिकॉर्ड में चंद्रेश्वर यादव उर्फ मंडला (निवासी गंगाजल) को मामले का मुख्य और नामजद आरोपित बताया गया था। हालांकि, विवेचना के दौरान मुख्य आरोपित चंद्रेश्वर यादव के स्थान पर उसके भाई चंद्र कुमार यादव को प्रकरण में आरोपित बना दिया गया।
आरोप है कि चंद्र कुमार यादव को बिना पर्याप्त छानबीन और विधिक प्रक्रिया के थाने से ही जमानत मुचलके पर छोड़ दिया गया था। बाद में उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भी भेज दिया गया। पूरे मामले की विवेचना में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया।
विवेचना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी : एसपी पांडेय
मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने नाराजगी जताते हुए तत्काल तथ्यात्मक जांच कराई। जांच में विवेचक की प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही और मनमानी सामने आने पर संबंधित एसआई को लाइन अटैच कर दिया गया।
एसपी पांडेय ने स्पष्ट किया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही, लापरवाही या मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की छवि खराब करने वाली ऐसी हरकतों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।






