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*आखिरकार बीआर चोपड़ा ने उन्हें मना लिया और सलमा आग़ा सच में उनकी निलोफर साबित हुई।*

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सियासत दर्पण न्यूज,बहुत से लोगों ने बीआर चोपडा़ से कहा था कि तुम इस लड़की से गीत मत गवाओ। इसकी आवाज़ कुछ अलग ही है। पता नहीं लोगों को पसंद आएगी भी कि नहीं। आशा भोंसले जी से ही निकाह के गीत भी गवाओ। वही तो अब तक तुम्हारी फिल्मों में गीत गाती आई हैं। लेकिन बीआर चोपड़ा ने किसी की नहीं सुनी। उन्हें यकीन था कि इस लड़की और इसकी आवाज़, दोनों को दर्शक पसंद करेंगे। और फाइनली जब 24 सितंबर 1982 के दिन निकाह रिलीज़ हुई तो दर्शक इसे देखकर बहुत खुश हुए। कहा तो ये भी जाता है कि कुछ जगहों पर तो लोगों ने स्क्रीन पर सिक्के भी उछाले थे।

आप समझ ही गए होंगे कि ये लड़की कौन है। ये हैं सलमा आग़ा। जिन्होंने निकाह फिल्म के गीत ‘दिल के अरमां आसुओं में बह गए’ के लिए उस साल फिल्मफेयर बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड अपने नाम किया था। जबकी इसी फिल्म के दो अन्य गीतों ‘दिल की ये आरज़ू थी कोई दिलरुबा मिले’ और ‘फज़ा भी है जवां जवां’ के लिए भी सलमा आग़ा इसी कैटेगरी में नॉमिनेट हुई थी। यूं तो सलमा आग़ा को बेस्ट एक्ट्रेस कैटेगरी में भी नॉमिनेश मिला था। लेकिन वो अवॉर्ड इन्हें ना मिल सका। उस साल बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड राज कपूर की फिल्म प्रेम रोग के लिए एक्ट्रेस पद्मिनी कोल्हापुरे को दिया गया था।

25 अक्टूबर 1962 को सलमा आग़ा का जन्म पाकिस्तान के कराची में हुआ था। सलमा की मां नसरीन एक वक्त की नामी कैरेक्टर आर्टिस्ट अनवरी बाई बेग़म और रफ़ीक गज़नवी की बेटी थी। सलमा आग़ा की मां के जन्म के बाद अनवरी बाई और रफ़ीक गज़नवी का तलाक हो गया और अनवरी बाई ने जुगल किशोर मेहरा से शादी कर ली। जुगल किशोर मेहरा पृथ्वीराज कपूर के सगे साले यानि राज कपूर के सगे मामा थे। तो इस हिसाब से अनवरी बाई राज कपूर की मामी हुई और अनवरी की बेटी नसरीन राज कपूर की सौतेली बहन हुई। यानि इस लिहाज से कहा जा सकता है कि सलमा आग़ा राज कपूर की सौतेली भांजी हैं। सलमा की मां नसरीन भी कुछ फिल्मों में काम कर चुकी थी।

चलिए अब वो कहानी जानते हैं कि कैसे बीआर चोपड़ा की मुलाकात सलमा आग़ा से हुई थी। तो बात कुछ यूं है कि सलमा आग़ा एक दिन संगीतकार नौशाद के लिए एक गाना रिकॉर्ड कर रही थी। वो गाना फिल्म चाणक्य चंद्रगुप्त के लिए था। वही चाणक्य चंद्रगुप्त जिसमें दिलीप कुमार और धर्मेंद्र साथ नज़र आने वाले थे। हालांकि वो फिल्म कभी रिलीज़ नहीं हो सकी। तो सलमा आग़ा नौशाद के निर्देशन में एक गाना रिकॉर्ड कर रही थी। इत्तेफाक से उसी वक्त नौशाद साहब से मिलने बीआर चोपड़ा आ गए। और जैसे ही चोपड़ा साहब ने सलमा आग़ा को देखा, उनके मुंह से निकल पड़ा,”ये तो निलोफर है।”

चोपड़ा साहब के मुंह से निलोफर सुनकर सलमा आगा बोली कि मेरा नाम निलोफर नहीं है। लेकिन चोपड़ा साहब फिर बोले, “नहीं। तुम निलोफर हो।” ये देखकर नौशाद साहब हंसे और उन्होंने बीआर चोपड़ा साहब को बताया कि ये तो एक गायिका हैं। इनका नाम सलमा आग़ा है। तब बीआर चोपड़ा ने बताया कि मैं एक फिल्म बना रहा हूं जिसका नाम निकाह है। और मैं उस फिल्म के लिए एक हीरोइन की तलाश कर रहा हूं। मुझे ये लड़की एकदम निलोफर जैसी लग रही है। मुझे मेरी निलोफर मिल गई है। उस वक्त तक सलमा आग़ा ने ये भी नहीं सोचा था कि वो फिल्मों में काम करेंगी। सलमा आग़ा ने बीआर चोपड़ा से भी कह दिया कि मैं आपकी फिल्म में काम नहीं कर पाऊंगी। मगर आखिरकार बीआर चोपड़ा ने उन्हें मना लिया और सलमा आग़ा सच में उनकी निलोफर साबित हुई।

निकाह ने सलमा आग़ा को बहुत ख्याति दिलाई। लेकिन वो ख्याति बहुत दिनों तक कायम ना रह सकी। और उसकी सबसे बड़ी वजह थी सलमा आग़ा का खुद ही फिल्म इंडस्ट्री से दूर होना। दरअसल, निकाह की रिलीज़ के बाद सलमा आग़ा अपनी पढ़ाई कंप्लीट करने के लिए वापस चली गई। और फिर जब वो दोबारा बॉलीवुड की तरफ लौटी तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सलमा आग़ा को फिल्में तो मिली। लेकिन वो फिल्में ऐसी नहीं थी जो उनके करियर को वापस उसी स्तर पर ला सके जिस स्तर पर वो निकाह के बाद छोड़कर गई थी।

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