सियासत दर्पण न्यूज़ कवर्धा से दुखहरण सिंह ठाकुर की विशेष रिपोर्ट
कबीरधाम,,,सियासत दर्पण न्यूज़।जिला कबीरधाम में युवती के साथ घटित सामूहिक दुष्कर्म प्रकरण में कबीरधाम पुलिस ने मात्र 36 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी सहित तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उल्लेखनीय और सनसनीखेज सफलता प्राप्त की है। यह पुलिस की निरंतर मेहनत, उच्चस्तरीय प्रोफेशनलिज्म, त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वित कार्रवाई का उत्कृष्ट उदाहरण है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी –

1. जितेन्द्र खरे उर्फ जित्तु पिता दिलीप खरे उम्र 22 वर्ष निवासी उर्जा पार्क के पास, वार्ड क्रमांक 09, कवर्धा
2. नसीम अहमद उर्फ छोटू पिता नफीस खान उम्र 25 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 22, एकता चौक, कवर्धा
3. मोहम्मद सरफराज उर्फ सफ्फु पिता मोहम्मद अयूब उम्र 21 वर्ष निवासी डालडापारा, आदर्शनगर, कवर्धा
पीड़िता की रिपोर्ट पर थाना महिला थाना कवर्धा में अपराध क्रमांक 43/2025 धारा 70(1), 351(3) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। रिपोर्ट के अनुसार तीन युवकों ने पीड़िता को जबरन बाइक पर बैठाकर सुनसान स्थान पर ले जाकर बारी-बारी से बलात्कार किया और घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी दी।
घटना के पश्चात पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज श्री अभिषेक शांडिल्य (भा.पु.से.) स्वयं मामले की मॉनिटरिंग करते रहे। पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह (भा.पु.से.) के नेतृत्व में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेंद्र बघेल एवं श्री पंकज पटेल और जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारीगण – डीएसपी श्री अखिलेश कौशिक, डीएसपी श्री प्रतीक चतुर्वेदी, डीएसपी श्री कृष्ण कुमार चंद्राकर एवं डीएसपी श्री आशीष शुक्ला – के पर्यवेक्षण में कई विशेष टीम गठित की गईं।
इन टीमों ने अलग-अलग मोर्चों पर कार्यवाही की –
अपराधियों की धरपकड़, तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन का परीक्षण, तथा मुखबिर तंत्र के जरिए प्राप्त सूचनाओं का मिलान। इसी क्रम में बड़े पैमाने पर छापामार कार्यवाही की गई और पूरे जिले से लगभग 150 से 200 संदेहियों को थानों में लाकर गहन पूछताछ की गई। पूछताछ से मिले अहम सुरागों को तकनीकी शाखा की जानकारी और डिजिटल साक्ष्यों से जोड़कर आरोपियों की शिनाख्त सुनिश्चित की गई।
इसके बाद पुलिस टीमों ने सघन घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया। कार्यपालिक दंडाधिकारी की उपस्थिति में पीड़िता द्वारा की गई पहचान कार्यवाही में आरोपियों की पुष्टि हुई तथा आरोपियों ने अपराध को स्वीकार भी किया। जांच से यह तथ्य भी उजागर हुआ कि तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं, जो चोरी जैसे मामलों में पहले भी जेल जा चुके हैं।







