सियासत दर्पण न्यूज़ रायपुर छत्तीसगढ़
दोषी प्रशासनिक अधिकारी एवं दोषी पुलिस कर्मचारियों को तत्काल बर्खास्त करने की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति एवं महामहिम राज्यपाल को पत्र सोपा
उत्तर प्रदेश सरकार सार्वजनिक रूप से तत्काल जगतगुरु शंकराचार्य जी से माफी मांगे
भाजपा सरकार ने हिंदू समाज की सहनशीलता की परीक्षा ली है: संदीप तिवारी
रायपुर,,सियासत दर्पण न्यूज़ ।प्रयागराज की पवित्र धरती पर मौनी अमावस्या जैसे महापर्व के दिन जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के साथ हुआ दुर्व्यवहार कोई साधारण प्रशासनिक घटना नहीं, बल्कि सनातन धर्म, उसकी हजारों वर्षों पुरानी परंपरा और करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर किया गया खुला और निर्लज्ज प्रहार है।
इस गंभीर और शर्मनाक घटना को लेकर छत्तीसगढ़ स्वर्ण संघर्ष समिति के संरक्षक संदीप तिवारी ने केंद्र एवं उत्तर प्रदेश राज्य की भाजपा सरकार और उत्तर प्रदेश प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए इसे सनातन संस्कृति को कुचलने का प्रयास बताया है। दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आज महामहिम राष्ट्रपति एवं महामहिम राज्यपाल को एक पत्र सोपा ।
सनातन की आत्मा को रौंदने का दुस्साहस किया है।संदीप तिवारी ने कहा कि शंकराचार्य का पद किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित सनातन धर्म की सर्वोच्च वैचारिक और आध्यात्मिक सत्ता का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि – प्रयागराज वह भूमि है जहां वेद, शास्त्र और संत परंपरा सांस लेती है। उसी भूमि पर शंकराचार्य जी का मार्ग रोकना और उनके साथ दुर्व्यवहार करना यह दर्शाता है कि सत्ता के मद में चूर यह शासन अब सनातन के अस्तित्व को ही चुनौती देने पर उतर आया है। यह अपराध अक्षम्य है और हिंदू समाज इसे कभी नहीं भूलेगा।भाजपा का हिंदुत्व पूरी तरह बेनकाब हो गया है।भाजपा पर सीधा प्रहार करते संदीप तिवारी ने कहा कि आज भाजपा का तथाकथित हिंदुत्व पूरी तरह ढह चुका है।
उन्होंने कहा कि -जो पार्टी खुद को हिंदू धर्म की रक्षक बताती है, उसी के शासन में जगद्गुरु शंकराचार्य का अपमान होता है। यह भाजपा के ढोंग, पाखंड और झूठे हिंदू प्रेम का सबसे बड़ा प्रमाण है। सत्ता के नशे में डूबी इस सरकार को न संतों की मर्यादा की चिंता है और न ही सनातन परंपरा के सम्मान की।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने यह सब सरकारी संरक्षण में किया, जो इस घटना को और भी गंभीर और खतरनाक बनाता है।
संदीप तिवारी ने कहा कि यह घटना पूरे हिंदू समाज के लिए चेतावनी है।उन्होंने कहा कि आज शंकराचार्य को रोका गया है, कल किसी और संत को रोका जाएगा। अगर आज हिंदू समाज चुप रहा, तो आने वाला समय और भी भयावह होगा। यह समय मौन का नहीं, जागरण और प्रतिरोध का है।
दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की है संदीप तिवारी ने उत्तर प्रदेश सरकार को स्पष्ट शब्दों में चेताया और मांग की है कि इस कृत्य में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक कर्मियों को तत्काल निलंबित कर बर्खास्त किया जाए।पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और सार्वजनिक जांच कर यह बताया जाए कि यह आदेश किसके इशारे पर दिए गए।
दोषियों को तत्काल बर्खास्त करे,ऐसी सजा दी जाए जो उदाहरण बने, न कि दिखावटी कार्रवाई हो।
हिंदू समाज अब सड़क पर उतरने को तैयार उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि हिंदू समाज की सहनशीलता को उसकी कमजोरी न समझा जाए। यह अपमान हर सनातनी के हृदय पर चोट है। यदि दोषियों पर तुरंत और निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई, तो यह जनआक्रोश आंदोलन का रूप लेगा और इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह शासन और प्रशासन की होगी।
संदीप तिवारी ने स्पष्ट किया कि धर्म, संत और संस्कृति के सम्मान पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।






