जांजगीर-चांपा। (सियासत दर्पण न्यूज़) जिले में खनिज माफिया पर जिला प्रशासन और खनिज विभाग ने संयुक्त रूप से सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर रोकथाम सुनिश्चित की है। इस अभियान का नेतृत्व कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में किया गया। खबर के अनुसार, खनिज विभाग के उड़नदस्ता दल ने जिले के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों- केवा, नवापारा, भादा, पुछेली, पिपरदा, बम्हनीडीह, केराकछार, खोरसी, देवरघटा और शिवरीनारायण में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अवैध रूप से खनिज रेत, मिट्टी (ईंट) और चूना पत्थर के परिवहन के कई मामले सामने आए।
जांच में कुल 15 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें शामिल हैं: खनिज रेत का अवैध परिवहन—9 प्रकरण (6 ट्रैक्टर और 3 हाईवा वाहन) मिट्टी (ईंट) का अवैध परिवहन—3 प्रकरण (3 ट्रैक्टर) खनिज चूना पत्थर का अवैध परिवहन—3 प्रकरण (3 ट्रैक्टर) जांच अधिकारी ने बताया कि जप्त वाहनों को जिले के विभिन्न थानों और पुलिस लाइन में रखा गया है, जिनमें शिवरीनारायण, पामगढ़, बिर्रा, पंतोरा एवं पुलिस लाइन शामिल हैं। अवैध खनिज परिवहनकर्ताओं के विरुद्ध खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 से 23(ख) के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान जिले में खनिज माफिया और अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी बनाए रखने के लिए चलाया जा रहा है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने स्पष्ट किया कि अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान होता है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और खनिज विभाग मिलकर अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए सतत निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई जारी रखेंगे।
खबर में यह भी बताया गया कि जिले में खनिजों के अवैध परिवहन और उत्खनन की घटनाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, जिसमें स्थानीय अधिकारियों के साथ उड़नदस्ता दल और पुलिस बल सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। अभियान से जिले में खनिज माफिया में भय का माहौल बना हुआ है और प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अवैध खनिज गतिविधियों की सूचना तुरंत प्रशासन या खनिज विभाग को दें। इस अभियान के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि जिला प्रशासन और खनिज विभाग अवैध खनिज गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे और आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिले में खनिज संसाधनों की सुरक्षा और कानूनी नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।






