सक्ती। (सियासत दर्पण न्यूज़) सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। हादसे में 34 श्रमिक झुलस गए, जिनमें से 17 की मौत हो चुकी है। वेदांता ग्रुप ने मृतकों के परिवार के लिए मुआवजे का एलान किया है।
वेदांता पावर प्लांट में धमाका इतना जोरदार था कि प्लांट परिसर में आग और धुएं का गुबार फैल गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कई मजदूर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे।
मुआवजे और नौकरी का एलान
वेदांता प्रबंधन ने मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। कंपनी के अनुसार प्रत्येक मृतक के परिजनों को 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जबकि गंभीर रूप से घायलों को 15 लाख रुपये तक का मुआवजा मिलेगा। इसके अलावा मृतकों के परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने का भी आश्वासन दिया गया है। इस घोषणा से प्रभावित परिवारों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
रायपुर में गंभीर घायलों का इलाज
हादसे में गंभीर रूप से झुलसे चार मजदूरों को रायपुर के कालड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें अब्दुल करीम (39) और अशोक परिहा (38) को मृत अवस्था में लाया गया, जबकि उपेंद्र साहू (38) और किस्मत अली (26) 85 से 90 प्रतिशत तक झुलसे हैं और वेंटिलेटर पर उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। सभी घायल झारखंड के गढ़वा और खरसिया क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।
सुरक्षा मानकों पर सवाल
इस भीषण हादसे के बाद औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने घटना की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने फिलहाल राहत और उपचार कार्यों को प्राथमिकता देते हुए मामले की जांच शुरू कर दी।








