रायपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केके श्रीवास्तव की करीब 3 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया है। केके छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी बताए जाते हैं। आरोप है कि केके पूर्व सीएम के लिए तांत्रिक पूजा
ED ने यह कार्रवाई रायपुर के तेलीबांधा थाने में दर्ज FIR और छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट के आधार पर की है। केके पर मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक धमकी और आपराधिक साजिश के आरोप हैं।
22 सितंबर को केके की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश जारी किया गया। इसके बाद 23 सितंबर को रायपुर की विशेष PMLA कोर्ट में उनके खिलाफ अभियोजन शिकायत (PC) दाखिल की गई।
दो महीने पहले ED ने जांच के लिए केके श्रीवास्तव को रिमांड पर लिया था। ED की जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम शेल कंपनियों के जरिए दुबई, हांगकांग और चीन में मौजूद लाभार्थियों तक भेजी गई।
अब जानिए पूरा मामला
जांच के अनुसार, जून 2023 में केके श्रीवास्तव ने M/s रावत एसोसिएट्स के प्रोपराइटर को रायपुर स्मार्ट सिटी की करीब 500 करोड़ रुपए की परियोजना में सब-कॉन्ट्रैक्ट दिलाने का दावा किया। इसके लिए 15 करोड़ रुपए की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी मांगी गई। इसके बाद वॉट्सऐप के जरिए बताए गए पांच बैंक खातों में 15 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए।
पांच खातों में ट्रांसफर हुई रकम
ED के मुताबिक, जांच में सामने आया कि जिन बैंक खातों में रकम भेजी गई, वे कथित खाताधारकों की जानकारी के बिना धोखाधड़ी से खोले गए थे। संबंधित संस्थाएं अपने पंजीकृत पतों पर भी मौजूद नहीं मिलीं।
शेल कंपनियों के जरिए विदेश भेजी रकम
ED का दावा है कि ठगी की रकम को शेल और कंड्यूट संस्थाओं के नेटवर्क के जरिए कई स्तरों पर घुमाया गया। इसके बाद माल ढुलाई शुल्क और कंटेनर लीजिंग जैसे कारोबारी विवरणों के जरिए रकम दुबई, हांगकांग, चीन और सिंगापुर में स्थित लाभार्थियों तक भेजी गई।
जांच एजेंसी के अनुसार, 15 करोड़ रुपए में से 3.40 करोड़ रुपए पीड़ित को वापस किए गए, जबकि 11.60 करोड़ रुपए की रकम वापस नहीं हुई।
केके श्रीवास्तव को ED ने 30 जुलाई 2026 को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया था। स्पेशल कोर्ट ने उन्हें ED की हिरासत में भेजा था। अब संपत्ति कुर्क करने और अभियोजन शिकायत दाखिल करने के बाद मामले में आगे की जांच जारी है।






