प्रतापपुर:(सियासत दर्पण न्यूज़) सूरजपुर जिले के चंदौरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने गांजा तस्करी के बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। बनारस मार्ग में घाटपेण्डारी मुख्य घाट में पलटे ट्रक से पुलिस ने 238 किलो 290 ग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे की कीमत करीब एक करोड़ 19 लाख रुपये बताई गई है।
तस्करों ने गांजे को प्लास्टिक दाने की बोरियों के साथ ट्रक में छिपाकर ओड़िशा से उत्तर प्रदेश ले जाने की योजना बनाई थी। पुलिस ने मामले में ट्रक संचालनकर्ता अलीगढ़ निवासी सुनील कुमार पिता लक्ष्मण सिंह (32), निवासी इंदिरा नगर, खेरी रोड, थाना देहली गेट अलीगढ़, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार 30 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि घाट पेंडारी मुख्य घाट में ट्रक क्रमांक यूपी 13 टी 5497 पलट गया है। ट्रक से बिखरे सामान को एक व्यक्ति क्रेन की मदद से हटवा रहा है और कुछ सामान को सड़क से दूर गड्ढे में तिरपाल से ढंककर छिपाया गया है। सूचना पर चंदौरा पुलिस मौके पर पहुंची। वहां क्षतिग्रस्त ट्रक और प्लास्टिक दाने की बोरियां मिलीं, लेकिन चालक या अन्य कोई व्यक्ति मौके पर नहीं था।
पुलिस ने आसपास तलाशी ली तो गड्ढे में तिरपाल से ढंककर रखी गई नौ बोरियों से 238 किलो 290 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके अलावा 19 बोरियों में प्लास्टिक दाना भी मिला। पुलिस ने गांजा, ट्रक और अन्य सामग्री जब्त कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत कार्रवाई शुरू की।
ओडिशा से लखनऊ ले जा रहे थे गांजा
विवेचना के दौरान पुलिस ने फरार आरोपित सुनील कुमार को गिरफ्तार किया। जबकि ट्रक चालक मोनू शर्मा निवासी हाथरस, उत्तर प्रदेश फरार हो गया। पूछताछ में सुनील कुमार ने बताया कि ट्रक अलीगढ़ निवासी उसके साथी फुरखान के नाम पर पंजीकृत है और वह साझेदारी में ट्रक का संचालन करता है। ट्रक में ओडिशा से प्लास्टिक दाने के साथ गांजा लोड कराया गया था। इसे लखनऊ ले जाया जा रहा था। 29 सितंबर को घाटपेण्डारी घाट में ट्रक पलटने के बाद गांजे को सड़क किनारे गड्ढे में छिपाकर तिरपाल से ढंक दिया गया था।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त 12 चक्का टाटा ट्रक, जिसकी कीमत करीब 12 लाख रुपये है, भी जब्त किया है। मामले में शामिल अन्य फरार आरोपितों की तलाश की जा रही है।
कार्रवाई में थाना प्रभारी चंदौरा लक्ष्मण सिंह धुर्वे, प्रधान आरक्षक शैलेष सिंह, भागवत दयाल पैकरा, आरक्षक अभय तिवारी, अवधेश कुशवाहा, सूरज पाटिल, विजय गुप्ता, कमलेश यादव, अमृतलाल जगत, अशोक कुमार और मनोज राजवाड़े सक्रिय रहे।






