बिलासपुर,सियासत दर्पण न्यूज़,बिलासपुर—बीती रात्रि कांग्रेस आलाकमान ने बिलासपुर समेत प्रदेश के चार लोकसभा क्षेत्रों के लिए प्रत्याशी का एलान किया। देवेन्द्र यादव का नाम सामने आने के बाद बिलासपुर के कांग्रेस नेता कुछ समझते बूझते..सुबह 10 बजे खबर मिली कि संगठन के नेता जगदीश कौशिक ने जिला कांग्रेस कार्यालय के सामने टिकट नहीं मिलने पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
खबर मिलते ही दोनो जिला अध्यक्ष आनन फानन में कांग्रेस कार्यालय पहुंचे…। मान मनौव्वल कर जगदीश कौशिक को धरना खत्म करने को कहा..लेकिन कौशिक ने मनुहार को ठुकरा दिया। खबर लिखे जाने तक विजय केशरवानी जगदीश कौशिक का लगातार मान मनौव्वल कर धरना खत्म करवाने का प्रयास कर रहे है। जगदीश कौशिक को मनाने शहर अध्यक्ष विजय पाण्डेय और प्रवक्ता रिषी पाण्डेय भी कांग्रेस कार्यालय पहुंच गए। दोनो के निवेदन को भी जगदीश कौशिक ने मानने से इंकार कर दिया
धरना पर बैठे जगदीश कौशिक ने पत्रकारों से बातचीत से इंकार कर दिया। इस दौारन उन्होने दीवारों पर चिपके पैपर की तरफ इशारा दिया। जिसे उन्होने खुद लिखकर चिपकाया है। पेपर में कौशिक ने लिखा है कि वह कर्तव्यनिष्ठ और ईमानदार कार्यकर्ता है। बावजूद इसके उन्हे ना तो विधानसभा का टिकट दिया गया। और ना ही लोकसभा में लड़ने का अवसर दिया गया है। जब तक उन्हे न्याय नहीं मिलता है…आमरण अनशन पर रहेंगे।
मामले में जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने बताया कि हमने जगदीश कौशिक हाथ जोड़कर..समझाने का प्रयास भी किया है। उन्हें मालूम है कि टिकट वितरण की प्रक्रिया और आधार क्या है। हमारे साथी हैं हम उनकी नाराजगी को दूर करेंगे।
मान मनौव्वल के बीच विजय केशरवानी ने पत्रकारों को बताया कि कांग्रेस में टिकट के लिए धरना प्रदर्शन की कोई गुंजाइश नहीं है। यदि किसी को नाराजगी है तो वह अपनी बातों को उचित फोरम में रखता है। विजय केशरवानी ने देवेन्द्र यादव की टिकट घोषणा के बाद कांग्रेस में किसी प्रकार की नाराजगी से इंकार किया। उन्होने बताया कि देवेन्द्र यादव युवा और जुझारू नेता हैं। बहुत ही कम उम्र में मेयर बने। दो बार के विधायक भी है। निश्चित रूप से बिलासपुर लोकसभा का परिणाम अप्रत्याशित होगा। कांग्रेस प्रत्याशी देवेन्द्र यादव की जीत निश्चित है।
कांग्रेसियो में आक्रोश,,
लोकसभा बिलासपुर के लिए देवेन्द्र यादव का नाम सामने आने के बिलासपुर जिला कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में जमकर आक्रोश है। नाम नहीं छापने की सूरत में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि थोपा गया प्रत्याशी हमें हरगिज मंजूर नहीं । मौका मिला तो वरिष्ठ नेताओं के सामने भी अपनी बात को रखेंगे। सवाल भी करेंगे कि क्या बिलासपुर जिले में एक भी ओबीसी नेता नहीं है। जिसे बिलासपुर लोकसभा प्रतिनिधित्व का मौका मिले। लगता है बिलासपुर में एक भी यादव, ओबीसी या काबिल नेता नहीं है.। शायद इसलिए ही देवेन्द्र यादव को टिकट दिया गया है।
सियासत दर्पण न्यूज़ से बिलासपुर ज़िला ब्यूरो चीफ डॉ शाज़िया अली खान की रिपोर्ट









