सियासत दर्पण न्यूज़,हम बात कर रहे हैं देव आनंद की, जिन्हें भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे महान और सफल अभिनेताओं में से एक के रूप में जाना जाता है। जो अब हमारे बीच नहीं है लेकिन उनकी अनगिनत यादें जरूर हम हमेशा अपने जहन में रखेंगे। देव आनंद को उनके शानदार लुक्स और अनोखी डायलॉग डिलीवरी के लिए आज भी याद किया जाता है। उन्होंने गुरु दत्त के साथ भी 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और उनमें से ज्यादा दर्शित ही हुई। 1940 के दशक के अंत में देव आनंद ने विद्या (1948) और जीत (1949) जैसी कई सफल फिल्मों में सिंगर- अभिनेत्री सुरैया के साथ अभिनय किया, जिससे एक रोमांटिक रिश्ते की शुरुआत हुई। उन दोनों को फिल्म के सेट पर ही प्यार हो गया और उन्होंने शादी का भी इरादा बना लिया था। लेकिन जब सुरैया के घर वालों को इस चीज के बारे में पता चला तो उन्होंने देवानंद को उनसे दूर रहने की सलाह दी। इतना ही नहीं सुरैया के घर वालों ने देव आनंद को जान से मारने की धमकी भी दी थी। उनके प्यार को धार्मिक मतभेदों के कारण एक दूसरे से दूर होना पड़ा, उसके बाद सुरैया अपने प्यार की खातिर अविवाहित रहीं। जबकि देव आनंद ने 1954 में कल्पना कार्तिक से शादी की, जिनसे उनके दो बच्चे हुए। यह भी बहुत कम लोग जानते होंगे कि देव आनंद को काला कोट पहनकर बाहर जाने की भी पाबंदी लगा दी गई थी। देव आनंद के काले कोट में देखने के लिए लड़कियां छत से ही कूद पड़ती थी। आनंद से पहले शायद ही ऐसी शख्सियत को ऐसा प्यार मिला हो।









