बिलासपुर।(सियासत दर्पण न्यूज़) हाई कोर्ट में एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने एक व्यक्ति को ‘बांग्लादेशी’ बताकर देश से डिपोर्ट कर दिया, लेकिन वह अब लापता है। देवरीखुर्द की निवासी दुर्गा शर्मा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके पति सुब्रिती शर्मा (37) को अगस्त 2025 में पुलिस ने बांग्लादेश भेजा, लेकिन वह वहां भी नहीं पहुंचे।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने राज्य शासन और याचिकाकर्ता को अगली सुनवाई में सुब्रिती शर्मा की नागरिकता से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
विवाह लगभग 15 वर्ष पूर्व हुआ था
याचिकाकर्ता दुर्गा के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि दुर्गा और सुब्रिती का विवाह लगभग 15 वर्ष पूर्व हुआ था। सुब्रिती लंबे समय से भारत में रह रहा था और उसके पास भारतीय नागरिकता के वैध दस्तावेज भी हैं। मामला मार्च 2025 में शुरू हुआ, जब तोरवा पुलिस ने एक युवक को बांग्लादेश से नाबालिग लड़की भगाने और दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया।
डिपोर्ट के बाद से कोई पता नहीं चला
पुलिस ने सुब्रिती को भी बांग्लादेशी नागरिक घोषित कर दिया। दुर्गा का कहना है कि डिपोर्ट के बाद से सुब्रिती का कोई पता नहीं चला और बांग्लादेश प्रशासन ने भी उसकी मौजूदगी से इनकार किया है। अब हाई कोर्ट ने इस मामले में राज्य शासन को सुब्रिती के बाग्लादेशी और याचिकाकर्ता पत्नी को भारतीय नागरिक होने के आवश्यक दस्तावेज पेश करने का आदेश दिया है।






